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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.799/2021-2215-03-2022
secunderabad
पीआर सं. 799 "एक स्टेशन एक उत्पाद" अवधारणा को लागू करने वाला दक्षिण मध्य रेलवे का पहला स्टेशन तिरुपति होगा

·केंद्रीय बजट 2022-23 ने "एक स्टेशन एक उत्पाद" की अवधारणा की घोषणा की है.

·इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पाद के लिए प्रत्येक रेलवे स्टेशन को एक प्रचार हब और शोकेस गंतव्य बनाना है ताकि स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिल सके.

 

*****

संसद में बजट (2022-23) पेश करते हुए केंद्र सरकार द्वारा "एक स्टेशन एक उत्पाद" अवधारणा की घोषणा की गई है. अवधारणा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक रेलवे स्टेशन को एक स्थानीय उत्पाद के लिए एक प्रचार हब और शोकेस गंतव्य बनाना है, जिससे स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों, बुनकरों / हथकरघा बुनकरों, आदिवासियों आदि को संवृद्ध आजीविका प्रदान करते हुए उनके कल्याण से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके. स्टेशन एक चिह्नित स्टॉल के रूप में एक विपणन चैनल जैसा कार्य करेंगे, जिसके द्वारा क्षेत्र विशेष के विशिष्ट स्थानीय उत्पाद को बेचा जाएगा.

 

रेलवे स्टेशनों में यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण ये व्यापक संपर्क क्षेत्र हैं जहां किसी भी उत्पाद के विपणन की अपार संभावनाएं हैं. इस अवधारणा के तहत, स्थानीय खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प, शिल्पकला, हथकरघा, स्थानीय खिलौने, चमड़े के उत्पाद, वस्त्र, पारंपरिक साधन, उपकरण, संसाधित/अर्ध- संसाधित खाद्य पदार्थ आदि, जो एक क्षेत्र विशेष के लिए विशिष्ट हैं, के विपणन और उन्हे बढ़ावा देने के लिए स्टॉल लगाने हेतु स्टेशन प्लैटफार्मों पर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा.

तदनुसार, रेलवे बोर्ड ने इस नवीन अवधारणा को लागू करने के लिए प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे पर एक स्टेशन को चिह्नित करने की सलाह दी है, यह अवधारणा शुरुआत में 15 दिनों की अवधि के लिए एक पायलट परियोजना के रूप में लागू होगी. इस प्रकार, दक्षिण मध्य रेलवे पर तिरुपति रेलवे स्टेशन को 25 मार्च 2022 से 15 दिनों की अवधि के लिए पायलट आधार पर "एक स्टेशन एक उत्पाद" अवधारणा को लागू करने के लिए जोन के पहले स्टेशन के रूप में चिह्नित किया गया है.

तिरुपति रेलवे स्टेशन विश्व प्रसिद्ध भगवान बालाजी मंदिर तक पहुंचने के लिए निकटतम स्थल है और देश के सभी हिस्सों से रेल यात्रियों की नियमित आवाजाही का गवाह है. तिरुपति स्टेशन के आसपास के क्षेत्र कलमकारी कला और वस्त्रों के लिए प्रसिद्ध हैं. तदनुसार, "कलामकारी साड़ियों और वस्त्रों" को बढ़ावा देने के लिए स्टेशन की चिह्नित किया गया है. इसके अलावा, यदि उत्पाद उस क्षेत्र से हैं तो कई उत्पादोंको स्टेशन पर प्रदर्शित किया /बेचा जा सकता है, जैसे कि लकड़ी के शिल्प उत्पाद, आदि.

स्टॉल लगाने के संबंध में महत्वपूर्ण बातें हैं

Øस्टॉलों का आबंटन 500/- प्रति दिन के नाममात्र पंजीकरण शुल्क के भुगतान पर 15 दिनों की अवधि के लिए पायलट परियोजना के रूप में किया जाएगा.

Øरेलवे द्वारा अस्थाई स्टॉल ढांचों का निर्माण किया जाएगा और पायलट प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त पानी और बिजली कनेक्शन मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा.

Øस्टॉल/कियोस्क उन क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, जहां यात्रियों को स्टेशन पर गाड़ी में चढ़ना/उतरने के लिए आसानी हो.

Øगौरतलब है कि गाड़ी में यात्रा के दौरान भी चिन्हित गाड़ियों/मार्गों में बिक्री की अनुमति होगी.

Øस्टेशन प्रवेश प्राधिकरण (विक्रेताओं को पहचान पत्र) स्टेशन अधीक्षक द्वारा अधिकृत विक्रेता का नाम, उत्पाद का नाम और अवधि का संकेत स्पष्ट रूप से देते हुए दिया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अनधिकृत प्रवेश न करें.

Øइन स्टालों के अधिकृत विक्रेताओं को एक बैज दिया जाएगा जिसमें स्पष्ट रूप से "एक स्टेशन एक उत्पाद" योजना का उल्लेख होगा.

Øजिन विक्रेताओं को स्टॉल आबंटित किए गए हैं वे प्लेटफॉर्म पर बिक्री कर सकते हैं और उन्हें उचित यात्रा प्राधिकरण पर अगले स्टॉप स्टेशन तक गाड़ियों में उत्पाद बेचने की अनुमति भी दी जा सकती है.

Øडिजिटल भुगतान: डिजिटल इंडिया अवधारणा के भाग के रूप में, डिजिटल मोड में भुगतान को प्रोत्साहित किया जाएगा.

Øस्टालों का आबंटन: शिल्पकारों/कुम्हारों/शिल्पकारों/शिल्पकारों/बुनकरों की पहचान स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), गैर सरकारी संगठनों, चिन्हित उत्पादों से संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी. इसके अलावा, इच्छुक पार्टियां अपने उत्पाद के विवरण के साथ वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, गुंतकल के पास अपना आवेदन जमा कर सकती हैं.

Øअधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में आबंटन ओपन लाटरी/पब्लिक ड्रा प्रणाली के माध्यम से ही किया जायेगा.

 

इस अवसर पर, श्री संजीव किशोर, महाप्रबंधक, दमरे ने कारीगरों/शिल्पकारों, विशेष रूप से कलामकारी साड़ियों, स्थानीय वस्त्रों, लकड़ी की क्राफ्टिंग आदि में निपुण और तिरुपति क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों के कारीगरों/शिल्पकारों से यह अपील कि वे भारतीय रेलवे द्वारा देश भर में उनकी कला और कौशल को बढ़ावा देने और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ साथ नए मार्ग और नए क्षेत्र के माध्यम से उनके उप्तादों के विपणन के अनूठे अवसर का लाभ उठाएं.





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