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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.812/2021-2223-03-2022
secunderabad
पी.आर सं. 812 अब 6100 रेलवे स्टेशनों पर हाई स्पीड फ्री वाई-फाई इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है

दिनांक-22.3. 2022

यह परियोजना भारतीय रेलों की ओर से रेलटेल द्वारा क्रियान्वित की जा रही है।

 

यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क में से एक है और इसका उद्देश्य रेलवे प्लेटफॉर्म को डिजिटल समावेशन के लिए एक प्लेटफॉर्म में परिवर्तित करना है।

 

छात्र, विशेष रूप से यूपीएससी, आरआरबी, आरआरसी और एसएससी उम्मीदवार जो दूरस्थ स्थानों से इंटरनेट तक सीमित ही पहुंच रखते हैं, अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए स्टेशन वाई-फाई सुविधाओं का उपयोग करते हैं।

 

भारतीय रेलवे और रेलटेल की इस पहल ने आम भारतीय रेल यात्री को डिजिटल प्रौद्योगिकी के लाभों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है: श्री पुनीत चावला, सीएमडी/ रेलटेल।

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अब देश भर के 6100 रेलवे स्टेशनों पर हाई स्पीड फ्री वाई-फाई इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है। वाई-फाई कॅवरेज वाले 6100 स्टेशनों का महत्वपूर्ण लक्ष्य आज उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के उबरनी रेलवे स्टेशन (रायबरेली जिला, उत्तर प्रदेश) पर वाई-फाई सुविधा चालू किए जाने से प्राप्त हुआ है। इसके साथ, अबहम लगभग शत-प्रतिशतलक्ष्य कॅवरेज (हॉल्ट स्टेशनों को छोड़कर) के करीब हैं और इसे पूरा करने में कुछ ही स्टेशन बचे हैं। इस उल्लेखनीय डिजिटल इंडिया पहल को क्रियान्वित करने काउत्तरदायित्व रेलवे के मिनी रत्न पीएसयू "रेलटेल" को सौंपा गया है। कोविड महामारी के कठिन समय में भी अथक और निरंतर कार्य करते हुए, रेलटेल 'रेलवॉयर' के ब्रांड नाम जो कि रेलटेल की खुदरा ब्रॉडबैंड सेवा है, के अंतर्गत अत्याधुनिक सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध करा रही है ।

 

इस परियोजना का मुख्य आकर्षण यह है कि इन 6100 रेलवे स्टेशनों में से 5000 से अधिक स्टेशन ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिनमें देश भर के कई दूर-दराज के स्टेशनों जैसे पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई स्टेशनों और कश्मीर घाटी के सभी 15 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध हुई है।वाई-फाई तक पहुंच न केवल समुदायों को जोड़ती है बल्कि इनोवैशन और विकास के अवसरों की दुनिया भी उपलब्ध कराती है। भारत में शहरी और ग्रामीण भारत के बीच एक गहरा डिजिटल विभाजन है। स्टेशनों पर रेलवॉयर वाई-फाई असंबद्ध को जोड़ने में मदद कर रहा है क्योंकि ग्रामीण भारत में इस सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले अधिकांश स्टेशन कम कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में स्थित हैं।

 

रेलवे स्टेशन ऐसे स्थान हैं जहां समाज के हर वर्ग के लोगों का आवागमन होता है। आधुनिकीकरण की तेज गति और स्मार्ट फोन के उपयोग में कई गुना वृद्धि ने 'डिजिटल इंडिया' क्रांति की शुरुआत कर दी है।स्टेशनों पर आने-जाने लोगइस सुविधा का उपयोग हाई डेफिनिशन (HD) वीडियो स्ट्रीमिंग, फिल्म, गाने, गेम डाउनलोड करने और ऑनलाइन अपने कार्यालय के कार्य को करने के लिए करते हैं।

 

2015 के रेल बजट में परिकल्पित, स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने वाली परियोजना दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क में से एक है और इसका उद्देश्य रेलवे प्लेटफॉर्म को डिजिटल समावेशन के लिए एक प्लेटफॉर्म में परिवर्तित करना है।

 

इंटरनेट तक सीमित पहुंच वाले दूरस्थ स्थानों के छात्र, विशेष रूप से कॉम्पिटिटिवपरीक्षाओकेउम्मीदवार, अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए स्टेशन वाई-फाई सुविधाओं का उपयोग करते हैं। यात्री इस सुविधा का उपयोग अपने निजी उपकरणों पर मनोरंजन का लाभ उठाने के लिए भी कर रहे हैं।

 

अपने किस्म की परियोजना होने के नाते, जन जागरूकता पैदा करने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि परियोजना के लाभो को अधिकतम किया जा सके और इसलिए स्थानीयजोनल रेलें और मंडल समय-समय पर इस सुविधा को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान शुरू करते रहते हैं। रेल उपयोगकर्ताओं और यात्रियों द्वारा वाई-फाई सुविधा के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय रेलें सोशल मीडिया पर वीडियो और संदेशों, नियमित घोषणाओं, स्टेशनों पर होर्डिंग और बैनर के माध्यम प्रचार कर रहीं हैं।

 

उपयोगकर्ताओं को सर्वोत्तम इंटरनेट अनुभव उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है, रेलवे स्टेशनों पर रेलवॉयर वाई-फाई सुविधा प्रत्येक ऐसे उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध है, जिसके पास मोबाइल कनैक्शन वाला स्मार्टफोन है। यह सुविधा उपयोगकर्ता केबहुत ही अनुकूल है। कनैक्शन चालू करने के लिए, यात्रियों को वाई-फाई विकल्पोंको स्कैन करना होगा और रेलवॉयर चुनना होगा। एक बार जब ब्राउज़र उपयोगकर्ता को रेलवॉयर पोर्टल पर ले जाता है, तो यह एक मोबाइल नंबर मांगेगा, जिस पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। एक बार कनैक्ट होने के बाद, वाई-फाई कनैक्शन 30 मिनट तक चलेगा। इससे रेल यात्रियों को जुड़े रहने और सूचनाओं से अपडेट रहने में मदद मिलती है।

 

वाई-फाई प्रतिदिन 1 एमबीपीएस की गति से पहले 30 मिनट के उपयोग के लिए 'मुफ़्त' है30 मिनट से अधिक 'उच्च' गति पर वाई-फाई सुविधा का उपयोग करने के लिए, उपयोगकर्ता को मामूली सा शुल्क देकर उच्च गति वाला प्लान चुनना होगा। ये योजनाएं, जीएसटी को छोड़कर 10रु./दिन (5 जीबी @ 34 एमबीपीएस के लिए) से 75 रु. /30 दिन (60 जीबी @ 34 एमबीपीएस के लिए) की दरों पर उपलब्ध हैं। ऑनलाइन प्लान खरीदने के लिए नेट बैंकिंग, वॉलेट, क्रेडिट कार्ड जैसे कई भुगतान विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।

 

इसके बारे में बात करते हुए, श्री पुनीत चावला, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक/ रेलटेल ने कहा, "रेलटेल नेशनल डिजिटल ट्रांसफार्मेशन गतिविधियों में सबसे आगे है। स्टेशनों पर विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्टेशनों पर वाई-फाई इंटरनेट सुविधा काफी लोकप्रिय और उपयोगी हो गई है। यह माननीय प्रधान मंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि यह वाई-फाई सुविधा अन-कनैक्टिडको कनैक्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी भारतीय रेल और रेलटेल की इस पहल ने आम भारतीय रेल यात्री के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने का मार्ग प्रशस्त किया है। रेलटेल ने इस नेटवर्क को तैयार करने में केपेक्स की एक महत्वपूर्ण राशि का निवेश किया है और इसका monetize करने के लिए हमने पहले 30 मिनट क'मुफ्त' उपयोग की अनुमति देने के बाद सभी वाई-फाई स्टेशनों पर सशुल्क वाई-फाई योजना शुरू की है। हम विज्ञापन-आधारित राजस्व के माध्यम से भी नेटवर्क को monetize करने जा रहे हैं, जिसके लिए हम शीघ्र ही एक ईओआई के साथ आने का इरादा रखते हैं।

 

रेलटेल के बारे में:

रेलटेल, रेल मंत्रालय के अंतर्गत एक "मिनी रत्न (श्रेणी- I)" केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो देश के सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक है, जिसके पास देश के कई कस्बों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को कॅवर करने वाला एक अखिल भारतीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है। ऑप्टिक फाइबर के 60000 मार्गकिलोमीटर से अधिक के एक मजबूत विश्वसनीय नेटवर्क के साथ, रेलटेल के पास इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार मंत्रालय (MeitY)के पैनल वाले दो टियर III डेटा सेंटर भी हैं। अपने अखिल भारतीय उच्च क्षमता नेटवर्क के साथ, रेलटेल विभिन्न फ्रंटों पर एक नॉलेज सोसाइटी का निर्माण करने की दिशा में कार्य कर रही है और इसे दूरसंचार के क्षेत्र में भारत सरकार की विभिन्न मिशन-मोड परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए चुना गया है। रेलटेल एमपीएलएस-वीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज्ड लाइन, टॉवर को-लोकेश, डाटा सेंटर सेवाएं आदि जैसी सेवाओं का एक समूह उपलब्ध कराती है। रेलटेल देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों को डिजिटल हब में परिवर्तित करने के लिए भारतीय रेलों के साथ भी कार्य कर रही है और कुल 6100 स्टेशन रेलटेल के रेलवॉयर वाई-फाई से सज्जित हैं।

 

अधिक जानकारी के लिए,

sucharita@railtelindia.com





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