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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.144/2022-2320-05-2022
secunderabad
पीआर सं. 144 - श्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत गाड़ियों के उत्पादन का निरीक्षण किया


Øआईसीएफ, चेन्नै में 12,000वें एलएचबी कोच को झंडी दिखाकर रवाना किया

Øमंत्री ने चेन्नै एग्मोर स्टेशन की पुनर्विकास योजना की समीक्षा की

Øआईआईटी IIT मद्रास में 'हाइपरलूप' चैंपियनों की सराहना की

 श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नै में स्वदेशी वंदे भारत गाड़ियों के उत्पादन का निरीक्षण किया. अपने दौरे के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों के साथ बातचीत की और उन्हें उनके काम के लिए प्रेरित किया.

 'मेक इन इंडिया' की सफलता के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में, भारतीय रेल ने भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई स्पीड गाड़ी, वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ किया.पहली वंदे भारत एक्सप्रेस गाड़ी को नई दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग" पर 15 फरवरी, 2019 को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया था. गति, संरक्षा और सेवा इस गाडी की पहचान हैं. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नै, रेलवे उत्पादन इकाई, पूरी तरह से इन-हाउस डिजाइन और निर्मिति, कंप्यूटर मॉडलिंग की आधार शक्ति रही है जो केवल 18 महीनों की अवधि में प्रणाली एकीकरण के लिए आपूर्तिकर्ताओं के साथ काम करने के लिए तैयार है.  

 चेन्नै की अपनी यात्रा के दौरान, श्री अश्विनी वैष्णव ने आईसीएफ, चैन्ने के 12000वें एलएचबी कोच को झंडी दिखाकर रवाना किया. एलएचबी कोच एंटी-टेलीस्कोपिक, सुरक्षित, हल्के, और अधिक आरामदायक और झटका मुक्त हैं. संरक्षा की दृष्टि से आईसीएफ पारंपरिक कोचों को चरणबद्ध रूप से एलएचबी कोचों से बदलने का कार्य किया जा रहा है.

श्री अश्विनी वैष्णव ने 19 मई 2022 की रात को चेन्नै के एग्मोर रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया. उन्होंने स्टेशन पर सुविधाओं का निरीक्षण किया और चेन्नै एग्मोर स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के मास्टर प्लान की समीक्षा की. मंत्री ने चेन्नै एग्मोर के लिए प्रस्तावित पुनर्विकास योजनाओं और सीएमआरएल के साथ इंटर-मॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा के बारे में विस्तार से चर्चा की. मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री भारतीय रेल को बदलने का विजन रखते है क्योंकि उनका यह मानना है कि भारतीय रेल के परिवर्तन से ही भारतीय अर्थव्यवस्था के परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा, विभिन्न श्रेणियों के स्टेशनों का पुनर्विकास इस विजन का हिस्सा है. उन्होंने आगे चेन्नै एग्मोर पुनर्विकास के बारे में विस्तार से बताया किचेन्नै एग्मोर की विरासत को विधिवत बनाए रखते हुए उसका पुनर्विकास किया जाएगा और साथ ही साथ विश्व स्तर के मानकों के अनुरूप इसकी सुख-सुविधाओं में सुधार किया जाएगा. पुनर्विकास होने पर,यह स्टेशन आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन जाएगा .

स्टेशनोत्तर पुनर्विकास, चेन्नै एग्मोर, दक्षिण रेलवे के दूसरे सबसे बड़े टर्मिनल मेंविश्व स्तरीय सुख-सुविधाओं और हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं जैसे अलग आगमन और प्रस्थान गलियारे, उज्ज्वल प्रकाश व्यवस्था और एस्केलेटर, लिफ्ट और स्काईवॉक द्वारा प्लेटफार्मों तक परेशानी मुक्त पहुंच उपलब्ध होंगी.

अपनी दौरे के दौरान, रेल मंत्री श्री वैष्णव ने अविष्कार हाइपरलूपके प्रयासों की सराहना की, जो आईआईटी मद्रास के उत्साही छात्रों के नेतृत्व वाली टीम है, जो स्केलेबल हाइपरलूप प्रौद्योगिकी को विकसित करते हुए भारत में गतिशीलता के भविष्य को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है. हाइपरलूप परिवहन का एक नया अभिनव तरीका है जो पारंपरिक परिवहन के प्रतिमान को बाधित करता है जहां गति और आराम कार्बन-हेवी हैं. यह न्यूनतम कार्बन फुटप्रिंट के साथ टिकाऊ, तेज और इससे जुड़े भविष्य के लिए परिवहन का समाधान है. यह अवधारणा शहरों के बीच निर्मित वैक्यूम ट्यूबों में लगभग सोनिक गति से यात्रा करने वाले लेविटेटिंग पॉड्स पर आधारित है, जो वैक्यूम ट्यूब में एक मैग्लेव है.

भारतीय रेल ने स्वदेशी रूप से हाइपरलूप प्रौद्योगिकी आधारित परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए आईआईटीमद्रास के साथ हाथ मिलाया है जो बुलेट गाड़ियों से भी तेज दौडती है और इसकी परिचालन लागत काफी कम है. भारतीय रेल इस परियोजना के लिए आईआईटी मद्रास को8.34 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी.





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