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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.212/2022-2314-06-2022
secunderabad
पीआर सं.212 - श्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे नवचार नीति "रेलवे के लिए स्टार्टअप" का शुभारंभ किया

नीति का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स/एमएसएमई/इनोवेटर्स/उद्यमियों द्वारा भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और संरक्षा में सुधार के लिए विकसित नवीन तकनीकों का लाभ उठाना है

चरण बद्ध-वार भुगतान के प्रावधान के साथ समान साझेदारी के आधार पर नवोन्मेषक को 1.5 करोड़. रुपये तक का अनुदान.

भारतीय रेलवे, राष्ट्रीय परिवहन ने स्टार्ट-अप और अन्य संस्थाओं की भागीदारी के माध्यम से नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है. माननीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन, नई दिल्ली में "रेलवे के लिए स्टार्टअप" का शुभारंभ किया.

यह नीति बहुत बड़े और अप्रयुक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम की भागीदारी के माध्यम से परिचालन, अनुरक्षण और अवसंरचना के क्षेत्र में स्तर और दक्षता लाएगी.

इस कार्यक्रम में, श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे में प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर लंबे समय से चल रही चर्चा आज आरंभ इस पहल से साकार हो गयी.

इस पहल के आरंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंत्री जी ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्ट अप को रेलवे से जुड़ने का अच्छा अवसर मिलेगा. इस कार्यक्रम के चरण-1 के अंतर्गत रेलवे के विभिन्न मंडलों, क्षेत्रीय कार्यालयों/जोनों से प्राप्त 100 से अधिक समस्यों में से 11 समस्याएं जैसे रेल फ्रैक्चर, हेडवे रिडक्शन आदि को लिया गया है. इन्हें स्टार्ट अप के समक्ष नवीन समाधान खोजने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.

रेल मंत्री ने स्टार्टअपों से इस अवसर का उपयोग करने का अनुरोध किया और उन्हें 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान, आश्वासित बाजार, स्तर और इकोसिस्टम के रूप में भारतीय रेलवे से सहयोग प्राप्त होना सुनिश्चित किया.

 

 

 

भारतीय रेलवे नवाचार नीति का मुख्य विवरण इस प्रकार है: -

Øचरण बद्ध-वार भुगतान के प्रावधान के साथ समान साझेदारी के आधार पर नवोन्मेषक को 1.5 करोड़. रुपये तक का अनुदान.

Øसमस्याओं के समाधान से लेकर प्रोटोटाइप के विकास तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और निर्धारित समय-सीमा के साथ भी है जो उसे पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण बनाती है.

Øरेलवे में प्रोटोटाइप का ट्रायल किया जाएगा. प्रोटोटाइप के सफल प्रदर्शन पर स्तर को बढ़ाने के लिए संवृद्ध निधि प्रदान की जाएगी.

Øनवोन्मेषक / नवोन्मेषकों का चयन पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली द्वारा किया जाएगा जिसे रेल मंत्री द्वारा आज उद्घाटन किए गए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निपटाया जाएगा.

Øविकसित बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) केवल नवोन्मेषकों के पास रहेंगे.

Øनवोन्मेषक को विकासात्मक क्रम का आश्वासन दिया.

Øविलम्ब से बचने के लिए मंडल स्तर पर संपूर्ण उत्पाद विकास प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण.

मई माह में, फील्ड यूनिटों को समस्या क्षेत्र बताने के लिए कहा गया था. इसके प्रत्युत्तर में अब तक लगभग 160 समस्याएं प्राप्त हो चुकी हैं. आरंभ में, नई नवाचार नीति के माध्यम से निपटने के लिए 11 समस्याओं की पहचान की गई है और इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया गया है.

i.ब्रोकन रेल डिटेक्शन प्रणाली

ii.रेल स्ट्रेस निगरानी प्रणाली.

भारतीय रेलवे राष्ट्रीय एटीपी प्रणाली के साथ इंटरऑपरेबल उपनगरीय सेक्शन के लिए हेडवे सुधार प्रणाली

iii.रेलपथ निरीक्षण गतिविधियों का स्वचालन.

iv.हैवी हॉल फ्रेट वैगनों के लिए बेहतर इलास्टोमेरिक पैड (ईएम पैड) का डिजाइन.

v.3-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की ट्रैक्शन मोटरों के लिए ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग प्रणाली का विकास.

vi.नमक जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए हल्के वजन वाले वैगन.

vii.यात्री सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल डेटा का उपयोग करते हुए विश्लेषणात्मक उपकरण का विकास.

viii.रेलपथ सफाई मशीन.

ix.प्रशिक्षणोत्तर रिवीजन और सेल्फ सर्विस पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों के लिए ऐप.

x.पुल निरीक्षण के लिए रिमोट सेंसिंग, जियोमैटिक्स और जीआईएस का उपयोग.

रेलवे से अधिक समस्याओं के विवरण एकत्रित किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से अपलोड किए जाएगा.

भारतीय रेलवे नवोन्मेष पोर्टल लॉन्च किया गया है जो वेब एड्रेस www.innovation.indianrailways.gov.in पर उपलब्ध है.

 





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