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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.450/2020-2116-12-2020
Secunderabad
भारतीय रेलवे ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के साथ क्षमता निर्माण संबंधी एमओयू का नवीकरण तथा उत्कृष्टता केंद्र संबंधी समझौते का आदान-प्रदान किया


           




भारतीय रेलवे ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के साथ क्षमता निर्माण और अनुसंधान में सहयोग के लिए अपने समझौता ज्ञापन (एमओयू) को नया रूप दिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा एनालिटिक्स उत्कृष्टता केंद्र, नेटवर्क थ्रूपुट बढ़ाने के लिए एकीकृत कोल-फ्रेट ऑप्टिमाइज़ेशन मॉडल आदि स्थापित करने के लिए 16 दिसंबर, 2020 को समझौतों का आदान-प्रदान किया.श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक की उपस्थिति में श्री के. शिव प्रसाद, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक ने नेटवर्क थ्रूपुट बढ़ाने के लिए एकीकृत कोल-फ्रेट ऑप्टिमाइज़ेशन मॉडल पर; श्री जे.के जैन, प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर ने सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा एनालिटिक्स पर; और श्री राजीव किशोर, प्रिंसिपल चीफ कार्मिक अधिकारी ने क्षमता निर्माण और अनुसंधान पर श्री मिलिंद सोहोनी, डिप्टी डीन, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के साथ रेल निलयम, सिकंदराबाद में समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया.

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक, दमरे ने अपने संबोधन में कहा कि आईएसबी के साथ जुड़ाव रेल संगठन की कार्य प्रणाली को आगे बढ़ाने का बेहतर तरीका है. उन्होंने कहा कि संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में किए गए सैद्धांतिक अग्रिमों को लागू करने का समय आ गया है. उन्होंने यह भी कहा कि आईएसबी के नई प्रौद्योगिकियों का उचित प्रशिक्षण और शिक्षा महत्वपूर्ण उपकरण हैं और ग्राहक अपेक्षाओं और संगठनात्मक लक्ष्यों दोनों को पूरा करने के लिए संसाधनों के इष्टतम उपयोग से हमारे संगठन को और अधिक प्रभावी बनाते हैं. उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए अधिकारियों की टीम को बधाई दी जिन्होंने उत्पादकता बढ़ाने के लिए आईएसबी के साथ सहयोग करने का पूरा-पूरा प्रयास किया.

श्री मिलिंद सोहनी, डिप्टी डीन, आईएसबी, हैदराबाद ने कहा कि भारतीय रेलवे और विशेष रूप से दक्षिण मध्य रेलवे के साथ काम करने का अवसर अद्भुत अनुभव है. आईएसबी अपनी परिवर्तन यात्रा में भारतीय रेल में भागीदार बनने के लिए नए विचार, व्यापारिक ज्ञान और विशेषज्ञता लाना चाहता है.उन्होंने कहाइन परियोजनाओं की संपूर्ति के साथ, आईएसबी वास्तव में इस विशिष्ट संगठन के साथ काम करने के लिए उत्साहित है.

एमओयू जिसे अगले तीन वर्षों के लिए नवीकृत किया गया, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान की दिशा में दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग और संबंध की परिकल्पना करती है. सहयोग और संबंधि के अंतर्गत निम्नलिखित कार्य किए जा रहे हैं :

- नेतृत्व, रणनीति प्रबंधन, वार्ता कौशल, परिवर्तन प्रबंधन आदि जैसे विषयों पर आईएसबी के संकाय द्वारा नेतृत्व व्याख्यानों का आयोजन, जो रेलवे अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं.

- कार्यनिष्पादनप्रबंधन, रणनीति प्रबंधन, परिवर्तन प्रबंधन आदि जैसे क्षेत्रों में दमरे के अधिकारियों को प्रशिक्षित और अपडेट करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन, जिसमें बुनियादी ढांचा, परियोजना प्रबंधन, ग्राहक संबंध प्रबंधन, परिचालन, राजस्व प्रबंधन, नवाचार आदि जैसे विभिन्न विषय शामिल हैं.

- ब्रांड कैपिटलाइजेशन, ग्राहक संतुष्टि, परिचालन दक्षता, व्यापार नवाचार आदि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों संस्थानों को शामिल करते हुए सहयोगात्मक अनुसंधान करना, जो संगठन की दक्षता और सेवा वितरण को प्रभावित करते हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स (डीए)

दमरे में एआई और डीए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए आईएसबी के सहयोग पर की गई यह समझौता 12 महीनों के लिए है जिसके दौरान परिचालन दक्षता में सुधार हेतु परियोजनाओं को लिया जाएगा. प्रशिक्षण मॉड्यूलों में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, बिग डेटा एनालिटिक्स, एआई रीइनफोर्स्ड लर्निंग और पूर्वानुमान और भविष्यवाणी के लिए प्रयुक्त विभिन्न अन्य तकनीकों का उपयोग शामिल होंगे. भारतीय रेलों द्वारा एआई एंड डीए के सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रथाओं को पहचानने और अपनाने में आईएसबी मदद करेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स अनुप्रयोगों के माध्यम से परिचालन दक्षता में सुधार और ग्राहक संतुष्टि को बढ़ाने की क्षेत्रों को पहचानने में मदद करने के लिए आईएसबी को साझेदार बनाया गया है.

एकीकृत कोयला - फ्रेट ऑप्टिमाइज़ेशन मॉडल

इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण रेल नेटवर्क में संसाधन उपलब्धता के अधार पर माल गाड़ियों और खाली रेकों के शेड्यूलों का अधिकतम उपयोग करना है. सप्लाई और मांग से मेल रखते हुए छोटी दूरियों के लिए कोयला संचलन की मांग के आकलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि माल ढुलाई राजस्व में कोयला संचलन का 50% योगदान होता है.

गाड़ी संचालन के सामान्य क्रम में एक ही नेटवर्क पर यात्री गाड़ियों और मालगाड़ियों के संचालन के बीच नाजुक संतुलन को बनाए रखना होता है. यातायात में निरंतर वृद्धि के साथ, कई मौजूदा सेक्शन अधिकतम सीमा तक पहुंच चुकी हैं. ऐसे परिदृश्य में, एक ऐसा इष्टतम मॉडल होना आवश्यक है जो उपलब्ध संसाधनों से मालगाड़ियों का अधिकतम संचालन प्राप्त कर सकेगा. इस तरह के मॉडल को मांग का आकलन और लोडेड रेक के मार्गों और शेड्यूलों का अनुकूलन करने में सक्षम होना चाहिए ताकि समग्र नेटवर्क थ्रूपुट में सुधार कर सके. इस दिशा में, नेटवर्क थ्रूपुट बढ़ाने के लिए एकीकृत कोयला- फ्रेट ऑप्टिमाइज़ेशन मॉडल पर व्यापक अध्ययन करने के लिए भारतीय रेलवे आईएसबी के साथ काम कर रहा है, जिससे रेलवे के समग्र माल ढुलाई संचालनों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.





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