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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.594/2020-2108-02-2021
Secunderabad
रेल बजट 2021-22 की मुख्य विशेषताएं महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा आज वर्चुअल प्रेस कान्फरेन्स आयोजित की गई




रेल बजट 2021-22 की मुख्य विशेषताएं

महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा आज वर्चुअल प्रेस कान्फरेन्स आयोजित की गई

बजट 2021-22में दक्षिण मध्य रेलवे के लिए अब तक का सर्वाधिक निधि आबंटन

- दोनों तेलुगु राज्यों (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) के लिए 2014-20के औसत की तुलना में 2021-22में दुगुने से अधिक बजट आबंटन किए

आम बजट 2021-22, जिसमें रेलवे भी शामिल है, जिसे 01 फरवरी, 2021 को संसद के मंच पर प्रस्तुत किया गया. पिंक पुस्तिका के एक संकलन में सभी अवसंरचनात्मक कार्यों के बारे में, अनुदानों की मांग और रेलवे में विभिन्न कार्यों के लिए बजटीय आबंटन के व्यापक विवरणसंसद में पेश किया.

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के बजटीय आवंटन 2021-22 पर प्रकाश डालने के लिए 04 फरवरी, 2021 को प्रेस के साथ एक बैठक का आयोजन की गई, जिसका विवरण निम्नानुसार है:-

1."भा1.      "भारत में मेक इन इंडिया" को सक्षम करने के लिए औद्योगिक लॉजिस्टिक लागत कम करने की कार्यनीति में वर्ष 2030 तक  रेलवे प्रणाली द्वारा भविष्य के लिए तैय्यार रहने हेतु राष्ट्रीय रेल योजना बनायी जा रही है.

2.      भारतीय रेलवे ने खड़गपुर से विजयवाड़ा तक ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर, भुसावल से खड़गपुर से डानकुनी तक पूर्व पश्चिम कॉरिडोर और इटारसी से विजयवाड़ा तक उत्तर दक्षिण कॉरिडोर जैसे अतिरिक्त समर्पित फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया है.

3.      दिसंबर 2023 तक सभी ब्रॉड गेज रेलवे लाइनों का 100%विद्युतीकरण करना.

4.      मानव त्रुटि के कारण होनेवाले गाड़ी टक्करों को समाप्त करने के लिए उच्चतर घनत्व नेटवर्क ( हाई डेंसिटि नेटवर्क) और उच्च-उपयोग नेटवर्क (हाई – यूटिलाइजेशन नेटवर्क) में स्वचालित गाड़ी संरक्षण प्रणाली के प्रावधान का विकास देश में ही हो रहा है.

5.      इस वर्ष में अब तक का सबसे पूंजीगत व्यय का कुल योजना  2,15,058 करोड़ रुपये है जिसमें आंतरिक संसाधनों से 7,500 करोड़ रुपये, अतिरिक्त बजटीय संसाधनों से 1,00,258 करोड़ रू और पूंजीगत व्यय से 1,07,100 करोड़ रूपए है.

दक्षिण मध्य रेलवे से संबंधित रेल बजट की मुख्य विशेषताएं

Øइस जोन को वर्ष 2021-22 के लिए संतोषजनक बजटीय आवंटन मिला है.

Øमुख्य अवसंरचनात्मक कार्यों के लिए, दक्षिण मध्य रेलवे ने वर्ष 2020-21 के लिए 7,024 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2021-22 के लिए अचंभित राशि 7,222 करोड़ रूपयों की मंजूरी दी है.

इसमें शामिल है :

·दोहरीकरण, तीसरी लाइन और बरास्ता लाइन कार्योंके लिए, सभी के लिए कुल बजटीय अनुदान 4,238 करोड़ रूपए है.

·नई लाइनों के लिए, पूंजी, जमा, अतिरिक्त बजटीय संसाधन आदि सहित कुल बजटीय अनुदान 2,195 करोड़ रुपये है

·विद्युतीकरण कार्यों के लिए, कुल बजटीय अनुदान 617 करोड़ रुपए है.

·यातायात सुविदा के लिए, कुल बजटीय अनुदान 173 करोड़ रूपए है.

 

वर्ष2021-22 के दौरान मुख्य संरक्षा संबंधित कार्यों के लिए आबंटित बजट है -

Øरोड़ संरक्षा कार्यों के लिए 672 करोड़ रूपए (समपार, पुल और ऊपरी सड़क पुल व निचला सड़क पुल)

Øस्वर्णिम चतुर्भुज / डायगोनल मार्गों पर पुलों के ऊपर / नीचे सड़क निर्माण के लिए 374 करोड़ रू.

Øरेलपथ नवीकरण कार्यों के लिए 862 करोड़ रू.

Øबीदर – परली वैजनाथ – परभणी और मनमाड़ – नांदेड – सिकंदराबाद – ढोन – गुंतकल सेक्शनों पर टक्कररोधी गाड़ी प्रणाली (टीसीएएस) के कार्यान्वयन के लिए 60 करोड़ रू.

दक्षिण मध्य रेलवे पर कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बजटीय आवंटन और उनकी वर्तमान परिस्थिति निम्नानुसार हैं

Øनडिकुडि – श्रीकालहस्ति नई लाइन परियोजना के लिए 1,444.4 करोड़ रूपय आबंटित किए है. 2,289 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 309 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2011-12 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 50%का परियोजना लागत की वहन करेंगेजबकि जमीन बिना किसी मूल्य के मुफ्त में देना है. न्यू पिडिगुराल्ला से सावल्यपुरम के बीच सेक्शन का 46 किमी की दूरी का कार्य पूरा हो गया है. बाकि के सेक्शनों में कार्य प्रगति में चल रह है.

Øमनोहराबाद – कोत्तपल्ली नई लाइन परियोजना के लिए 325 करोड़ रूपय आबंटित किए है. 1160 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 151 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2006-07 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.तेलंगाना सरकार के साथ लागत साझा करने की परियोजना है. तदनुसार, एक तिहाई लागत तेलंगाना सरकार द्वारा साझा की जाएगी और उनके द्वारा जमीन मुफ्त में दी जाएगी. 32 किलोमीटर की मनोहरबाद - गजवेल तक की परियोजना का पहला चरण पूरा हो गया है. शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं.

Øभद्रचलम – सत्तुपल्ली नई लाइन परियोजना के लिए 267 करोड़ रूपय आबंटित किए है.928 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 54 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2010-11 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.इस परियोजना को रेलवे और सिंगरेनी कोलियरीज द्वारा संयुक्त रूप से लिया है. अनुबंध के अनुसार रेलवे द्वारा जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और निर्माण कार्य खर्च सिंगरेनी कोलियरीज और रेलवे दोनों द्वारा साझा किया जाएगा. कार्य तेजी से प्रगति पर हैं और पूरा होने वाला है.

Øकोटीपल्ली – नरसापूर नई लाइन परियोजना के लिए 187 करोड़ रूपय आबंटित किए है.2,120 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 57 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2001-01 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.इस परियोजना में आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 25 % परियोजना लागत साझा किया जाएगा. इस सेक्शन में नई लाइन कार्यों में गौतमी, वैनतेय और वशिष्ट नदियों पर महत्वपूर्ण प्रमुख पुलों का निर्माण शामिल है, जो तेज गति से प्रगति पर हैं.

Øमुनिराबाद – महबूबनगर नई लाइन परियोजना के लिए 149 करोड़ रूपय आबंटित किए है.1,723 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 244 किमी की दूरी के लिए वर्ष 1997-98 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.244 किलोमीटर में से, 66 किलोमीटर दक्षिण मध्य रेलवे के (तेलंगाना राज्य) के अधिकार क्षेत्र में आता है और उस हिस्से के लिए स्वीकृत लागत 452 करोड़ रुपये है. बाकि के 178 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम रेलवे (कर्नाटक राज्य) का है. देवरकद्र - मक्तल के बीच 40 किलोमीटर की दूरी के लिए सेक्शन पूरा हो गया है और इसे आरंभ किया गया है. कृष्णा - मकथल के बीच 26 किलोमीटर की दूरी के लिए काम तेजी से प्रगति पर है.

Øअकन्नापेट – मेदक नई लाइन परियोजना के लिए 83.6 करोड़ रूपय आबंटित किए है.118 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 17 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2012-13 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.इस परियोजना में तेलंगाना सरकार द्वारा 50% परियोजना लागत के साथ जमीन बिना मूल्य के मुफ्त में दी जाएगा. कार्य पूरा होनेवाला है.

Øकडपा – बेंगलुरू नई लाइन परियोजना (आंध्रा प्रदेश - कर्नाटका) के लिए 36 करोड़ रूपय आबंटित किए है.2,706 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 255 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2008-09 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.आंध्र प्रदेश क्षेत्राधिकार के तहत दक्षिण मध्य रेलवे में 205 किलोमीटर लंबाई है और 50 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम रेलवे के कर्नाटक क्षेत्राधिकार में है. दक्षिण मध्य रेलवे के भाग के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा परियोजना लागत का 50% योगदान दिया जाएगा. यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में 4 चरणों में और 1 चरण दक्षिण पश्चिम रेलवे अधिकार क्षेत्र में है. 21 किलोमीटर की दूरी के लिए कडप्पा-पेंड्लिमरी का पहला चरण आरंभ हो गया है.

Øविजयवाडा – गुडिवाडा / मचिलिपट्टणम – भीमवरम / नरसापूर- निडदवोलू दोहरीकरण और विद्युत्तीकरण के लिए 1200 करोड़ रूपय आबंटित किए है.1504 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 221 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2011-12 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.यह लागत साझाकरण परियोजना है और परियोजना लागत का 50% आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा साझा किया जाएगा. 35 किलोमीटर की दूरी के लिए उप्पलुरु-भीमावरम के बीच और गुड़ीवाड़ा - मछलीपट्टनम के बीच 89 किलोमीटर सेक्शन पूरा हो गया है और इसे आरंभ किया गया है. बाकि सेक्शन का कार्य तेजी से चल रहा हैं.

 

Øविजयवाडा – गुडूर तीसरी लाइन परियोजना के लिए 800 करोड़ रूपय आबंटित की है.3549 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 288 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2015-16 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.गुडूरू – बिट्रगुंटा, करावडी – बिट्रगुंटा और कोलनूर – पोट्कापल्ली के बीच एक साथ तीन चरणों में कार्य निष्पादन के लिए शुरी की गई है.

Øकाजीपेट – बलहार्शा तीसरी लाइन परियोजना के लिए 475 करोड़ रूपय आबंटित की है.2,063 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 201 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2015-16 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी.कोलनूर – पोट्कापल्ली, बिसुगिर शरीफ – उप्पल और वीरूर - माणिकगढ़ के बीच सेक्शन में 44 किमी की पूरी लंबाई पूरा होने को है. बाकि के सेक्शनों में कार्य प्रगति पर है.

 

Øविजयवाडा (19.5 किमी), काजीपेट (10.65 किमी), रेणिगुंटा (9.6 किमी), वाडी (7.6 किमी), गुत्ती (3.8 किमी) और मोटुमर्री पर बरास्ता लाइनों की परियोजना के लिए 426 करोड़ रूपय आबंटित किए है. (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र) सभी बरास्ता लाइनों का कार्य तेजी से चल रहा है.

 

Øगुंटूर – गुंतकलदूसरी लाइन परियोजना के लिए 364 करोड़ रूपय आबंटित की है.3,631 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 401 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2016-17 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार के साथ 50%साझा करने कीहै. 31 किलोमीटर की दूरी के लिए नलापडु - सातलूरू के बीच का सेक्शन और पेंडेकल्लू - ढोन के बीच 27 किलोमीटर की लंबाई के लिए पूरा हो गया है जबकि बाकि सेक्शनों में काम प्रगति कर है और चल रहा है.

Øकाजीपेट – विजयवाडातीसरी लाइन परियोजना के लिए 333 करोड़ रूपय आबंटित की है.1,953 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 220 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2012-13 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. विजयवाडा – कोंडपल्ली सेक्शन के बीच 17.5 किमी दूरी पूरा होनेवाला है. कोंडपल्ली – एर्रूपालेम में कार्य तेजी से चल रहा है और बाकि सेक्शनों में कार्य प्रगति पर है.

Øगूत्ती – धर्मवरमदूसरी लाइन परियोजना के लिए 225 करोड़ रूपय आबंटित किए है.714 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 91 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2015-16 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. कल्लूरू – ताटिचर्ला के बीच 20 किमी की दूरी के लिए और जंगालपल्ली – चीगिचेर्ला के 11 किमी के लिए कार्य में कुल 31 किमी पूरा हुआ है और आरंभ किया गया है. बाकि के सेक्शनों में कार्य तेजी से चल रहा है.

Øसिकंदराबाद – महबूबनगरदूसरी लाइन परियोजना के लिए 100 करोड़ रूपय आबंटित की है.774 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ 85 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2015-16 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. शादनगर – गोल्लपल्ली सेक्शन के बीच 30 किमी की दूरी का कार्य पूरा हो गया है और बाकि के सेक्शनों में कार्य तेजी से प्रगति पर है.

 

Øअकोला – ढोनदूसरी लाइन परियोजना के लिए 05 करोड़ रूपय आबंटित की है.612 किमी की दूरी के लिए वर्ष 2019-20 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. पहले से मंजूर दी गई परभणी-मुदखेड और मनोहरबाद-महबूबनगर के बीच सेक्शन को छोड़कर दोहरीकरण कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है.

Øएमएमटीएस चरण II परियोजना के लिए 0.10 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जिसे वर्ष 2012-13 में 817 करोड़ रु स्वीकृत लागत पर मंजूरी दी गई थी. 5.75 किलोमीटर की दूरी के लिए तेलपुर - रामचंद्रपुरम के बीच के सेक्शनों पर काम पूरा हुआ और आरंभ किया गया है. मौला अली - घाटकेसर के बीच 12 किलोमीटर की दूरी के लिए चौगुना पूरा हो गया है. मलकजगिरी- बोलारुम-मेडचल और फलकनुमा- उमड़नगर में काम पूरा होनेवाला है. परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

Øघाटकेसर - यादाद्रि के लिए एमएमटीएस चरण-II बढाने के लिए 0.10 करोड़ आवंटित किए है. 412 करोड़ रु के संशोधित अनुमान के साथ 33 किलोमीटर की दूरी के लिए वर्ष 2016-17 में स्वीकृती दी गई थी. यह परियोजना क्रमशः 1 / 3 और 2 / 3की लागत रेलवे और तेलंगाना सरकार के साझाकरण के साथ है.

मिशन विद्युतीकरण के तहत, चालू वित्तीय वर्ष में विद्युतीकरण का 155 रूट किलोमीटर पूरा हो चुका है और वर्तमान बजट में आवंटन बहुत संतोषजनक है। 2020-21 के लिए आवंटन की तुलना में वर्तमान वर्ष के लिए आवंटन 246% अधिक है

विवरण निम्नानुसार है -

 

Øवर्ष 2015-16 में865 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 783 किमी दूरी के लिए मनमाड – मुधखेड – ढोन सेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 175 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है. उम्मनगर - महबूबनगर सेक्शन को छोड़कर संशोधित अनुमान 902 करोड़ रू तैयार किया गया और मंजूरी दी गई.

Øवर्ष 2017-18 में253 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 228 किमी दूरी के लिए धर्मवरम – पाकालसेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 85 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2017-18 में135 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 123 किमी दूरी के लिए नंद्याल - यर्रगुंट्ला सेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 30 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2017-18 में97 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 95 किमी दूरी के लिए लिंगमपेट जगित्याल – निजामाबाद सेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2017-18 में312 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 293 किमी दूरी के लिए परली वैजनाथ - विकाराबाद की विद्युतीकरण के लिए 90 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2017-18 में325 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 246 किमी दूरी के लिए पिपलकुट्टी – मुधखेड और परभणी – परली वैजनाथ सेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2017-18 में277 करोड़ रूपए की स्वीकृत लागत के साथ 209 किमी दूरी के लिए पूर्णा - अकोला सेक्शन की विद्युतीकरण के लिए 85 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

Øगदवाल – रायचूर सेक्शन के 57 किमी की दूरी के विद्युतीकरण के लिए 18 करोड़ रूपए आबंटित किए गए है.

Øवर्ष 2018-19 में34 किमी की दूरी के लिए तेनाली – रेपल्ले सेक्शन के बीच विद्युतीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है.

अन्य परियोजनाओं के लिए आबंटन

Øचेरलापल्ली स्टेशन पर सैटेलाइट टर्मिनल के विकास के लिए 50 करोड़ आवंटित किए है.

Øकाजीपेट पर पीओएच कारखाना के लिए 02 करोड आबंटित किए गए है.

Øकुर्नूल में मिडलाइफ रिहैबिलिटेशन फैक्ट्री के लिए 32.54 करोड़ रुपये आवंटित किए है.

Øतिरुपति रेलवे स्टेशन पर दक्षिण के प्रवेश की ओर विकास के लिए 05 करोड़ रूपए का आवंटन किया है.

Øतिरूचानूर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 5.65 करोड रूपए आबंटित किए है.

Øविशाखपट्टणम – विजयवाडा सेक्शन के बीच लंबी लूप के निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए आबंटित किए है.

Øविजयवाडा – गुडूरू सेक्शन के बीच लंबी लूप के निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए आबंटित किए है.

Øरेणिगुंटा – मामंडूर- बालपल्ले सेक्शन के बीच आईबी सिगनल के प्रावधान के लिए 10 करोड़ रूपए आबंटित किया गया.

 

राज्यवार आवंटन के संदर्भ में ,

 

Øवर्ष 2021-22 में तेलंगाना राज्य में पूरी तरह से / आंशिक रूप से आनेवाले, अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए कुल बजट आवंटन 2,420 करोड़ रुपये है, जो 2014-20 (1110 करोड़ रुपये / वर्ष) के औसत से 118% अधिक है.

 

Øवर्ष 2021-22 में आंध्र प्रदेश राज्य में पूरी तरह से / आंशिक रूप से आनेवाले, अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए कुल बजट आवंटन 5,812 करोड़ रुपये है, जो 2014-20 (2830 करोड़ रुपये / वर्ष) के औसत से 105% अधिक है.





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