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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.672/2020-2122-03-2021
Secunderabad
महाराष्ट्र के नागरसोल से किसान रेल आरंभ किए जाने के 75 दिनों के भीतर 100 किसान रेलों का परिवहन किया गया






- किसान रेल आरंभ किए जाने सेमराठवाड़ा क्षेत्र में कृषि सेक्टर को बहुत प्रोत्साहन मिला है

- किसान रेल द्वारा महाराष्ट्र के नागरसोल से देश के विभिन्न भागों में 33, 885 टन प्याज और 190 टन अंगूर का कुल परिवहन किया गया.

 

महाराष्ट्र राज्य के नागरसोल से असम राज्य के न्यू गुवाहाटी के लिए 5 जनवरी, 2021 को पहली किसान रेल की शुरुआत, एक बहुत बड़ी सफलता थी. 75 दिनों के कम समय के भीतर, नागरसोल से कुल 100 किसान रेलों का संचालन किया गया जिससे मराठवाड़ा क्षेत्र के कृषि क्षेत्र को काफी अधिक बढ़वा मिला है. तदनुसार, नागरसोल स्टेशन से पश्चिम बंगाल के गौर मालदा के लिए 20 मार्च 2021 को 100वीं किसान रेल को नागरसोल स्टेशन से रवाना किया गया.

नागरसोल से इन किसान रेलों में प्याज और अंगूर का लदान करके पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए परिवहन किया गया. इसके अलावा, किसान रेल द्वारा परिवहन करने के लिए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा "ऑपरेशन ग्रीन - टॉप टू टोटल" योजना के अंतर्गत किसानों/व्यापारियों को 50% दर रियायत दी गई. इन सभी कारकों ने किसानों, व्यापारियों और कार्गो ऑपरेटरों को मार्ग में कम से कम हानि के साथ सुदूर स्थानों तक सुचारू, परेशानी मुक्त और किफायती परिवहन प्रदान करने में योगदान दिया है. भारतीय रेल द्वारा किसान रेल की अवधारणा की शुरुआत के साथ-साथ केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई दर रियायत ने मराठवाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्र में कृषि क्षेत्र (व्यापारियों, कार्गो ऑपरेटरों, थोक ट्रांसपोर्टरों सहित) को देश भर में कृषि उपज विपणन के लिए नए रास्ते खोजने में सहायता की है.

 

नागरसोल से संचालित 100 किसान रेलगाड़ियों के माध्यम से कुल 33,885 टन प्याज और 190 टन अंगूर का परिवहन किया गया. अंगूर को पश्चिम बंगाल के गौर मालदा और दनकुनी तक परिवहन किय गया, जबकि प्याज को पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों में सुदूर तक अर्थात न्यु गुवाहाटी, मालदा टाउन, न्यु जलपाईगुणी, अगरतला, बैहाटा, गौर मालदा,नौगछिया, दनकुनी, धूपगुणी, चितपुर, संक्रैल गुड्स टर्मिनल और फतुहा आदि तक परिवहन किया गया.

 

किसान रेल में आमतौर पर 10 से 12 पार्सल वैन (वीपी) होते हैं, प्रत्येक वीपी की क्षमता23 टन की होती है. इससे किसानों/व्यापारियों को आसानी और सुविधा के साथ कम मात्रा में अपने माल को लदान करने में सहायता मिलती है. यह ग्राहकों के साथ-साथ रेलवे, दोनों के लिए जीत की स्थिति है.

 

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ने एक ही स्थान से इतने कम समय में 100 किसान रेलगाड़ियों को चलाने पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने किसान रेल के निर्बाध परिचालन के लिए नांदेड़ मंडल के दल के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने यह भी कहा कि ये पहल निश्चित रूप से अन्य क्षेत्रों से आने वाले किसानों तथा व्यापारियों को किसान रेल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करेगी.






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