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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.684/2020-2101-04-2021
Secunderabad
रेलवे के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष - श्री पीयूष गोयल


कोविड-19 के कारण एक वर्ष तक लगे लॉकडाउन ने रेलवे के संघर्ष कर पुनः वापसी करने और मजबूती से उभरने के संकल्प को प्रदर्शित किया है.- श्री गोयल

आत्मनिर्भर, आधुनिक, यात्री हितैषी, समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवसायों की पहली पसंद रेलवे के भाग्य और भविष्य को फिर से लिखने का समय आ गया है.”- श्री पीयूष गोयल

श्री पीयूष गोयल द्वारा अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों के साथ जोनों और मंडलों के निष्पादन कार्यों की समीक्षा

भविष्य में, भारतीय रेल की सफलता राष्ट्र की सफलता को परिभाषित करेगी. रेल, वाणिज्य व उद्योग और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, माननीय श्री पीयूष गोयल ने बोर्ड के सदस्यों तथा क्षेत्रीय रेलों के महाप्रबंधकों और मंडलों के मंडल रेल महाप्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही.

श्री गोयल ने कहा रेलवे के लिए यह वर्ष सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा. कोविड-19 के कारण एक वर्ष तक लगे लॉकडाउन ने रेलवे के संघर्ष कर पुनः वापसी करने और मजबूती से उभरने के संकल्प को प्रदर्शित किया है. रेलवे की मानसिकता बदल गई है. यह अब रेलवे के लिए हमेशा की तरह व्यवसाय नहीं है. नई तकनीकों और नवाचारों के उपयोग ने नए मानक बनाए हैं."

श्री गोयल ने कहा कि यह रेलवे के भाग्य और भविष्य को फिर से लिखने का समय था, जो आत्मनिर्भरता, समयबद्धता,यात्री हितैषी, सुरक्षित, हरित और व्यवसायों की पहली पसंद है.

उन्होंने कहा कि 1223 एमटी का अधिकतम माल लदान राष्ट्र ले लिए सकारात्मकता का संदेश है. इस वर्ष 5900 किलोमीटर विद्युतीकरण किया गया. यह भारतीय रेल द्वारा किया गया अब तक का सबसे अधिकतम विद्युतीकरण है.

श्री पीयूष गोयल ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को लदान बढ़ाने के लिए महामारी के दौरान अतिरिक्त असाधारण प्रयास करने के लिए बधाई दी. उन्होंने संरक्षा उपायों को अपनाने पर भी जोर दिया और रेल अधिकारियों को इस ओर सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए.

यह ध्यान दिए जाने योग्य है कि भारतीय रेलवे ने मार्च 2021 माह में लदान, अर्जन और गति के मामले में माल लदान के आंकड़ों में वद्धि को जारी रखा है. पिछले वर्ष के कुल संचयी माल लदान आंकड़ों को पार करने की आशा है. वर्ष 2020-21 के लिए माल लदान राजस्व 112358.83 करोड़रु. (पिछले वर्ष) की तुलना में 114652.47 रु. (करोड़में) है, जो +2% की वृद्धि दर्शाता है.





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