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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.66/2020-2104-05-2021
Secunderabad
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली के बाद ऑक्सीजन एक्सप्रेस अब हरियाणा और तेलंगाना में भी अपनी सेवा देगी


भारतीय रेल द्वारा संचयी तरल मेडिकल ऑक्सीजन का परिवहन अगले 24 घंटे में लगभग 640 मेट्रिक टन हो जाएगा

उत्तर प्रदेश तक 5वीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस 76 मेट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकरपहुंची, 6 वीं रास्ते में है

राज्यों को राहत पहुंचाने के लिए भारतीय रेल की ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन जारी रहेगा

राज्यों को राहत पहुंचाने के लिए भारतीय रेल के ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन जारी रहेगा. महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली के बाद अब हरियाणा और तेलंगाना राज्यों में भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपनी सेवा पहुंचाएगी.

सेवा को जारी रखते हुए, तीन और गाड़ियां रास्ते में हैं जो या तो तरल ऑक्सीजन ले जा रही हैं या लदान हेतु संयंत्रों की ओर जा रही हैं. उम्मीद है कि भारतीय रेल द्वारा परिवहन की जा रही संचयी तरल मेडिकल ऑक्सीजन अगले 24 घंटे में लगभग 640 मेट्रिक टन तक पहुंच जाएगा. उत्तर प्रदेश को 5 टैंकरों में 76.29 मेट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ आज अपनी 5वीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस मिली. इसमें से1 टैंकर को वाराणसी में उतारा गया जबकि शेष 4 टैंकरों को लखनऊ में उतारा गया. 6वींगाड़ी पहले से ही लखनऊ के लिए निकल गई है और इसके कल अर्थात 30 अप्रैल 2021 को 4 टैंकरों में 33.18 मेट्रिक टनतरल मेडिकल ऑक्सीजनलेकर पहुंचने की संभावना है. ऑक्सीजन टैंकरों के अगले सेट को लाने के लिए एक और खाली रेक के आज लखनऊ से निकलने की उम्मीद है.

हरियाणा को अपनी पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी मिलेगी जैसा कि दो टैंकरों के साथ एक गाड़ी आज अंगुल (उड़ीसा) से निकलने वाली है. फरीदाबाद से राउरकेला के लिए खाली रेक भी रास्ते में है और इसके आज रात तक पहुंचने की उम्मीद है. हरियाणा के लिए ऑक्सीजन गाड़ियां निरंतर जारी रहने से राज्य में कोविड-19 रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित होती रहेगी.

तेलंगाना सरकार ने भी भारतीय रेल से ऑक्सीजन एक्सप्रेस के लिए अनुरोध किया है. 5 खाली टैंकरों के साथ एक खाली रेक सिकंदराबाद से अंगुल की ओर जा रही है और इसके कल अंगुल पहुंचने की उम्मीद है.

रेलवे सभी जरूरतमंद राज्यों को ऑक्सीजन परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु पूरी तरह से तैयार है. चल रही कारवाई में, राज्य रेलवे को टैंकर प्रदान करते हैं. तब रेलवे उन स्थानों से उपयुक्त मार्ग द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए तीव्रता से आगे बढ़ती है और इसे अपेक्षित राज्य तक पहुंचाती है. ऑक्सीजन की आपूर्ति और उपयोग राज्य सरकार द्वारा किया जाता है.

तरल ऑक्सीजन के क्रायोजेनिक कार्गो होने के कारण इसकी कई सीमाएं होती हैं जैसे अधिकतम गति जिस पर इसे वहन किया जा सकता है, अधिकतम एक्सेलरेशन और डिएक्सेलरेशन तथा लदान की सीमाएं तरल ऑक्सीजन टैंकरों की उपलब्धता और लोडिंग रैंप आदि. मार्ग के मानचित्रण में मार्ग में (विभिन्न आरयूबी और एफओबी के कारण) अधिकतम क्लियरेंस की उपलब्धता का ध्यान भी रखा जाता है.

 





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