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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.121/2020-2121-05-2021
Secunderabad
120 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ पहली कंटेनर ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज तेलंगाना पहुंचेगी




तेलंगाना के लिए तरल मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक टैंकरों को लाने वाली यह पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस है तथा यह राज्य के लिए चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस है.

टाटा नगर से लदान किए गए 6 टैंकरों का परिवहन सनथ नगर तक किया गया

 

4 टैंकरों के साथ एक और खाली ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज निकली है

 

*****

भारतीय रेल ने तेलंगाना तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों के माध्यम से तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाना जारी रखा है. तेलंगाना के लिए 120 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस के हैदराबाद में सनथ नगर पहुंचने की संभावना है. महत्वपूर्ण है कि तरल मेडिकल ऑक्सीजन से भरे छह क्रायोजेनिक टैंकर लेकर राज्य में आने वाली यह पहली कंटेनर ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी है.

 

क्रायोजेनिक टैंकरों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन के परिवहन से नियमित आरओ-आरओ (रोल ऑफ-रोल ऑन) सेवा की तुलना में शीघ्रता से परिवहन करने में सहायता मिलेगी. नियमित आरओ-आरओ सेवा में लागू ऊंचाई प्रतिबंधों से छुटकारा मिलेगा क्योंकि तुलनात्मक रूप से कंटेनर यातायात के लिए बेहतर ऊंचाई निकासी होगी. यद्यपि, तरल मेडिकल ऑक्सीजन क्रायोजेनिक कार्गो है, इसलिए रेलवे द्वारा अधिकतम गति, अधिकतम एक्सलरेशन और डिएक्सलरेशन के संबंध में सीमाओं को ध्यान में रखते हुए टैंकरों का परिवहन किया जा रहा है. तदनुसार, लदान स्टेशन से लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी लगभग 24 घंटों में तय किए जाने की संभावना है.

 

भारतीय रेल राज्यों की तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए निरंतर ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों का परिचालन कर रही है। इन गाड़ियों को राज्य सरकारों के अनुरोध पर परिचालित किया जाता है तथा तेजी से परिवहन सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर पर इनके आवागमन को प्रमुख महत्व दिया जाता है.

 

तीन ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां पहले ही तेलंगाना पहुंच गई हैं, यह राज्य की चौथी ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी होगी. साथ ही 04 खाली टैंकरों के साथ एक और ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज सनथ नगर से निकली.

 

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक, दमरे ने कहा कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों के परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने सभी मंडलों को इन गाड़ियों पर कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी, ताकि ये गाड़ियां जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

 





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