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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.125/2020-2121-05-2021
Secunderabad
नों में 126 मिलियन टन ऑक्सीजन से 7900 मिलियन टन ऑक्सीजन; 24 अप्रैल को पहली सुपुर्दगी की

20दि शुरुआत से रेलवे ने 12राज्यों में ऑक्सीजन राहत पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों के संचालनों को बढ़ाया.

 

40मिलियन टन एलएमओ के साथ आंध्र प्रदेश के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ीनेल्लूर पहुंच रही है

 

एलएमओ के 118मिलियन टन के साथ केरल के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस एर्नाकुलम पहुंच रही है

 

तमिलनाडु के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 80मिलियन टन की सुपुर्दगी

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां अब हर दिन राष्ट्र भऱ में लगभग 800 मिलियन टन एलएमओ की सुपुर्दगी कर रही हैं.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश,आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु,

हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक ऑक्सीजन राहत पहुंचाई.

 

अब तक महाराष्ट्र में 462मिलियन टन, उत्तर प्रदेश में करीबन 2210मिलियन टन, मध्य प्रदेश में 408मिलियन टन, हरियाणा में 1228मिलियन टन, तेलंगाना में 308मिलियन टन, राजस्थान में 72 मिलियन टन, कर्नाटक में 120 मिलियन टन, उत्तराखंड में80 मिलियन टन, तमिलनाडु में 80 मिलियन टन और दिल्ली में 2934मिलियन टन से अधिक अक्सीजन ऑफलोड किया गया.

 

सभीअड़चनोंकोपारकरतेहुएऔरनएसमाधानढूंढतेहुएभारतीयरेलवेनेदेशभरकेविभिन्नराज्योंमेंलिक्विडमेडिकलऑक्सीजन (एलएमओ) कीसुपुर्दगीद्वाराराहतपहुंचानेकीअपनीयात्राजारीरखीहै. अबतकभारतीयरेलवेनेदेशभरकेविभिन्नराज्योंकेलिए500टैंकरोंमें7900 मिलियनटन (लगभग) एलएमओकीडिलीवरीकी.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां पिछले कुछ दिनों से हर दिन राष्ट्र भऱ में लगभग 800 मिलियन टन एलएमओ की सुपुर्दगी कर रही हैं.

 

इस बात पर ध्यान दिया जाए कि 20 दिन पहले 24 अप्रैल 2021 को 126 मिलियन टन एलएमओ लोड के साथ महाराष्ट्र में अक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने सुपुर्दगी आरंभ की.

केवल 20 दिनों में रेलवे ने 12 राज्यों में 7900 मिलियन टन मेडिकल आक्सीजन पहुंचाते हुए अपनी आक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों के संचालनों को बढ़ाया है.

 

 

भारतीय रेलवे देश के हर कोने से जैसे पश्चिम में हापा एवं मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अनुगुल से ऑक्सीजन उठा रही है और फिर उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, एमपी, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और यूपी राज्यों में जटिल परिचालन मार्गों की योजना द्वारा उसे पहुंची रही है.

 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत यथासंभव सबसे तेज समय में पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों को चलाने में नए मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है. ज्यादातर लंबी दूरियों के मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. अत्यंत अत्यावश्यक स्थिति में उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर पर गाड़ियां चलाते हुए विभिन्न जोनों की परिचालन टीमें इन सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि ऑक्सीजन सबसे तेज यथासंभव समय सीमा में पहुंचे. विभिन्न सेक्शनों में कर्मीदल परिवर्तन के लिए तकनीकी ठहराव समय को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

 

पटरियों को खुला रखा जा रहा है और उच्च सतर्कता बरती जा रही है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस आगे बढ़ती रही.

यह सब इस तरह से किया जा रहा है कि अन्य माल ढुलाई संचालनों की गति भी कम न हो.

 

इस विज्ञप्ति को तैयार करते समय आंध्र प्रदेश और केरल के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां क्रमशः 40 एमटी और 118 एमटी ऑक्सीजन राहत के साथ आगे बढ़ रही हैं

 

तमिलनाडु के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने आज सुबह 80 मिलियन टन की डिलीवरी की और दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस भी रास्ते में है.

 

गौरतलब है कि अब तक 130 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी की और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है.

 

भारतीयरेलवेकायहप्रयासहैकियथासंभवकमसेकमसमयमेंअनुरोधकरनेवालेराज्योंकोएलएमओपहुंचाए.

 

इस प्रेस विज्ञप्ति के जारी होने के समय तक महाराष्ट्र में 462मिलियन टन, उत्तर प्रदेश में करीबन 2210मिलियन टन, मध्य प्रदेश में 408मिलियन टन, हरियाणा में 1228मिलियन टन, तेलंगाना में 308मिलियन टन, राजस्थान में 72मिलियन टन, कर्नाटक में 120 मिलियन टन, उत्तराखंड में80 मिलियन टन, तमिलनाडु में 80 मिलियन टन और दिल्ली में 2934मिलियन टन से अधिक अक्सीजन ऑफलोड किया गया.

 

नई ऑक्सीजन गाड़ी चलाना एक बहुत ही गतिशील प्रयास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. ऑक्सीजन से भरे अधिक एक्सप्रेस गाड़ियां रात में अपनी यात्रा शुरू करने वाली हैं.

 

रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों के साथ विभिन्न मार्गों की मैपिंग की है और राज्यों से प्राप्त किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए खुद को तैयार रखा है. एलएमओ लाने के लिए राज्य भारतीय रेलवे को टैंकर प्रदान करते हैं.





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