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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.134/2020-2121-05-2021
Secunderabad
आने वाले चक्रवात के बावजूद, रेलवे ने तेज़ हवाओं से टकराते हुए आज सुबह गुजरात से 2 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों को राष्ट्र को 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चलाएगी.

आने वाले चक्रवात के बावजूद, रेलवे ने तेज़ हवाओं से टकराते हुए आज सुबह गुजरात से 2 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों को राष्ट्र को 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चलाएगी.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 10000 एमटी एलएमओ की सुपुर्दगी की लक्ष्य को पार किया.

 

बोकारो से पंजाब के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 41.07 मीट्रिक टन ऑक्सीजन राहत के लिए दो टैंकरों आज पहुंचेगी.

महाराष्ट्र में 521 मीट्रिक टन ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 2652 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 431 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1290 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 564 मीट्रिक टन, राजस्थान में 40 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 361 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 200 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 231 मीट्रिक टन, पंजाब में 40 मीट्रिक टन, केरल में 118 मीट्रिक टन और दिल्ली में लगभग 3734 मीट्रिक टनके ऑक्सीजन को पहुंचाया गया है.

सभी बाधाओं को पार करते हुए और नए समाधान खोजने के लिए, भारतीय रेलवे देश भर के विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) पहुंचाकर राहत देने की अपनी यात्रा जारी रखा है. अब तक, भारतीय रेलवे ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 600 से अधिक टैंकरों में 10300 मीट्रिक टन से अधिक एलएमओ वितरित किया है.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस पिछले कुछ दिनों से हर दिन लगभग 800 मीट्रिक टन एलएमओ राष्ट्र को पहुंचा रही है.

आने वाले चक्रवात के बावजूद रेलवे ने सुबह-सुबह गुजरात से 2 ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाईं है तेज हवाओं को टक्कर देते हुए राष्ट्र को 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके.

वडोदरा से एक ऑक्सीजन एक्सप्रेस 2 रोरोट्रक और 45 एमटी एलएमओके साथ दिल्ली क्षेत्र में सुपुर्दगी के लिए सुबह 4 बजे रवाना हुई.

 

दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस यूपी और दिल्ली क्षेत्र के लिए 106 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रिलीफ से लदे 6 टैंकरों के साथ सुबह 5.30 बजे हापा से रवाना हुई.

बोकारो से पंजाब के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस भी आज शाम 7 बजे दो टैंकरों के साथ 41.07 मीट्रिक टन ऑक्सीजन राहत के साथ फिल्लौर पहुंचने के लिए तैयार है.

यह ध्यान दिया जा सकता है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 23 दिन पहले 24 अप्रैल 2021 को महाराष्ट्र में 126 मीट्रिक टन भार के साथ अपनी सुपुर्दगी शुरू की थी.

23 दिनों से थोड़ा अधिक समय में, रेलवे ने 13 राज्यों को 10300 मीट्रिक टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन देने के लिए अपने ऑक्सीजन एक्सप्रेस संचालन को बढ़ाया है.

देश भर में, भारतीय रेलवे ने पश्चिम में हापा और मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन ले रहा है और फिर इसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, एमपी, आंध्र प्रदेश, तमिल राज्यों में पहुंचा रहा है. जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में तमिल नाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहुंचाया है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत सबसे तेज समय में पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के संचालन में नए मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बनाया है. लंबी दूरी के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर पर चल रहे हैं, उच्चतम अत्यावश्यकता के साथ, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑक्सीजन सबसे तेज संभावित समय सीमा में पहुंचे सकें. विभिन्न वर्गों में क्रू परिवर्तन के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

पटरियों को खुला रखा जाता है और यह सुनिश्चित करने के लिए उच्च सतर्कता बरती जाती है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस आगे बढ़ती रहे।

यह सब इस तरह से किया जाता है कि अन्य माल ढुलाई की गति भी की कमी न हो.

 

उल्लेखनीय है कि अब तक लगभग 160 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा पूरी की है और विभिन्न राज्यों को राहत मिली है.

यह भारतीय रेलवे का प्रयास है कि अनुरोध राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक एलएमओ पहुंचाया जाए.

इस समय तक, महाराष्ट्र में 521 मीट्रिक टन, यूपी में लगभग 2652 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 431 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1290 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 564 मीट्रिक टन, राजस्थान में 40 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 361 मीट्रिक टन, 200 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में200 एमटी, तमिलनाडु में 231 मीट्रिक टन, पंजाब में 40 मीट्रिक टन, केरल में 118 मीट्रिक टन और दिल्ली में लगभग 3734 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई जा चुकी है.

नई ऑक्सीजन का चलना एक बहुत ही गतिशील प्रयास है और आंकड़े हर समय अद्यतन हो रहे हैं. अधिक भरी हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस के रात में अपनी यात्रा शुरू करने की उम्मीद है.

रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों के साथ विभिन्न मार्गों की मैपिंग की है और राज्यों की किसी भी उभरती जरूरत के लिए खुद को तैयार रखा है. एलएमओ लाने के लिए राज्यों को भारतीय रेलवे को टैंकर प्रदान करना हैं.





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