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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.149/2020-2125-05-2021
Secunderabad
मिशन मोड पर, 224 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा 884 से अधिक टैंकरों में लगभग 14500 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन देश में वितरित किया गया


 

35 टैंकरों में 563मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन भरी 8 हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस मार्ग में हैं

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 13 राज्यों अर्थात् उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक पहुंचाई गई

 

महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3463 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4278 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1698 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 943 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 769 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 571 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन और तेलंगाना में 772 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई.

 

सभी बाधाओं को पार करते हुए और नए समाधान खोजते हुए, भारतीय रेल देश भर के विभिन्न राज्यों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर राहत पहुंचाने की अपनी यात्रा जारी रखे हुए है. अब तक, भारतीय रेल ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 884 से अधिक टैंकरों में लगभग 14500 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

 

उल्लेखनीय है कि अब तक 224 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत प्रदान की है.

 

इस प्रेस रिलीज के जारी होने तक, 8 भरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां 35 टैंकरों में 563 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ मार्ग में थीं.

 

देश में प्रत्येक दिन ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां अब 800 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचा रही हैं.

 

भारतीय रेल का यह प्रयास है कि अनुरोधकर्ता राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया जाए.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 13 राज्यों अर्थात् उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक पहुंचाई गई.

 

 इस प्रेस रिलीज के जारी होने तक, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3463 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4278 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1698 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 943 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 769 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 571 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन और तेलंगाना में 772 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंच गई है.

 

रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों तक विभिन्न मार्गों का मानचित्रण किया है और राज्यों से आने वाली किसी भी आवश्यकता के लिए तैयार है. तरल मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए राज्य भारतीय रेल को टैंकर प्रदान करते हैं.

 

उल्लेखनीय है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 28 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र के लिए 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ अपनी डिलीवरी आरंभ की थी.

देश भर से, भारतीय रेल पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन ला रही है और जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में फिर उसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्यों तक पहुंचा रही है.

 यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत शीघ्र अति शीघ्र पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के परिचालन हेतु मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है. लंबी दूरी की यात्रा के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता के साथ ग्रीन कॉरिडोर पर परिचालन के लिए, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑक्सीजन कम से कम संभव समय सीमा में पहुंचे। विभिन्न सेक्शनों में क्रू बदलने के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस निरंतर आगे बढ़ती रहे. मार्ग खुला रखा जाता है और उच्च सतर्कता बरती जाती है.

 यह सब इस तरह से किया जाता है कि अन्य माल गाड़ियों की गति भी कम न हो.

नई ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन बहुत ही गतिशील अभ्यास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. देर रात भरी हुई और अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेसों के चलने की आशा है.

 






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