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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.153/2020-2125-05-2021
Secunderabad
ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा राष्ट्र को तरल मेडीकल ऑक्सीजन की डिलीवरी 15000 मीट्रिक टन के पार


Øअसम के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ आज पहुंची

 

Øकर्नाटक के लिए तरल मेडीकल ऑक्सीजन की डिलीवरी 1000 मीट्रिक टन को पार कर गई

 

Ø936 टैंकरों के साथ 234 ऑक्सीजन एक्सप्रेसों ने अब तक अपनी यात्रा पूरी की और 14 राज्यों को राहत पहुंचाई

 

Ø31 टैंकरों में 569 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडीकल ऑक्सीजन भरी 9 ऑक्सीजन एक्सप्रेस मार्ग में हैं

 

Øऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 14 राज्यों अर्थात् उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम तक पहुंचाई गई.

 

Øमहाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3609 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4300 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1759 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 1063 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 857 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 642 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 976 मीट्रिक टन और असम में 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई.

सभी बाधाओं को पार करते हुए तथा नए समाधान खोजते हुए, भारतीय रेल देश भर के विभिन्न राज्यों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर राहत पहुंचाने की अपनी यात्रा जारी रखे हुए है। अब तक, भारतीय रेल ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 936 से अधिक टैंकरों में 15284 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

उल्लेखनीय है कि अब तक 234 ऑक्सीजन एक्सप्रेसों ने अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत दी है। इस प्रेस रिलीज के जारी होने तक, 31 टैंकरों में 569 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ 9 भरी हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस मार्ग में थीं. असम के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 4 टैंकरों में 80 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर आज सुबह करीब 11.30 बजे पहुंची. कर्नाटक में ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी 1000 मीट्रिक टन को पार कर गई।

अब प्रत्येक दिन ऑक्सीजन एक्सप्रेस राष्ट्र को 800 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचा रही है। यह भारतीय रेल का प्रयास है कि अनुरोधकर्ता राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया जाए।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 14 राज्यों अर्थात् उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम तक पहुंचाई गई.

अब तक, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3609 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4300 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1759 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 1063 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 857 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 642 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 976 मीट्रिक टन और असम में 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है.

रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों तक विभिन्न मार्गों का मानचित्रण किया है और राज्यों की किसी भी आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए तैयार है। राज्य तरल मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए भारतीय रेल को टैंकर प्रदान करते हैं। ऑक्सीजन एक्सप्रेसों ने 29 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र के लिए 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ अपनी डिलीवरी आरंभ की थी.

देश के भीतर से, भारतीय रेल पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन लेकर और फिर उसे जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम तक पहुंचा रही है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत शीघ्र अति शीघ्र पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के परिचालन हेतु मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है. लंबी दूरी की यात्रा के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता के साथ ग्रीन कॉरिडोर पर परिचालन के लिए, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑक्सीजन कम से कम संभव समय सीमा में पहुंचे। विभिन्न सेक्शनों में क्रू बदलने के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस निरंतर आगे बढ़ती रहे. मार्ग खुला रखा जाता है और उच्च सतर्कता बरती जाती है. यह सब इस तरह से किया जाता है कि अन्य माल गाड़ियों की गति भी कम न हो. नई ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन बहुत ही गतिशील अभ्यास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. देर रात भरी हुई और अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेसों के चलने की आशा है.





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