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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.171/2020-2128-05-2021
Secunderabad
ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां अब तक देश के 15 राज्यों में 39 शहरों/नगरों में 41 स्टेशन पहुंची


ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने राष्ट्र भर में 19408 मिलियन टन से अधिक एलएमओ की सुपुर्दगी की

1162 टैंकरों के साथ 289 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी की और 15 राज्यों में राहत पहुंचाई.

50 टैंकरों में 865 मिलियन टन लोड के साथ 11 आक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां चल रही हैं

महाराष्ट्र में 614मिलियन टन, उत्तर प्रदेश में करीबन 3731 मिलियन टन, मध्य प्रदेश में 656मिलियन टन, दिल्ली में 5185मिलियन टन, हरियाणा में 1967मिलियन टन, राजस्थान में 98 मिलियन टन, कर्नाटक में 1773 मिलियन टन, उत्तराखंड में 320 मिलियन टन, तमिलनाडु में 1554 मिलियन टन, आंध्र प्रदेश में 1268 मिलियन टन, पंजाब में 225 मिलियन टन, केरल में 380 मिलियन टन, तेलंगाना में 1432मिलियन टन, झारखंड में 38 मिलियन टन और असम में 160 मिलियन टन अक्सीजन ऑफलोड किया गया.

सभीअड़चनोंकोपारकरतेहुएऔरनएसमाधानढूंढतेहुएभारतीयरेलवेनेदेशभरकेविभिन्नराज्योंमेंलिक्विडमेडिकलऑक्सीजन (एलएमओ) कीसुपुर्दगीद्वाराराहतपहुंचानेकीअपनीयात्राजारीरखीहै. अबतकभारतीयरेलवेनेदेशभरकेविभिन्नराज्योंकेलिए1162टैंकरोंमें19408 मिलियनटन से अधिक एलएमओकीडिलीवरीकी.

मिशन मोड पर, अब तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने देश भर के 15 राज्यों में लगभग 39 शहरों/नगरों में एलएमओ की सुपुर्दगी की, जैसे उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वारणासी, कानपुर, बरेली, गोरखपुर और आगरा, मध्य प्रदेश में सागर, जबलपुर, कटनी और भोपाल, महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, पुणे, मुंबई और सोलापुर, तेलंगाना में हैदराबाद, हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम, दिल्ली में तुगलकाबाद, दिल्ली कैंट और ओखला, राजस्थान में कोटा और कनकपारा, कर्नाटक में बेंगलूरु, उत्तराखंड में देहरादून, आंध्र प्रदेश में नेल्लूर, गुंटूर, ताड़िपत्री और विशाखापत्तनम, केरल में एर्नाकुलम, तमिलनाडु में तिरुवल्लूर, चेन्नै, तूतीकोरिन, कोयंबत्तूर और मदुरै, पंजाब में भटिंडा और फिल्लौर, असम में कामरूप और झारखंड में रांची.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने इन 39 शहरों/नगरों में 41 स्टेशनों को लिक्विड मेडीकल आक्सीन पहुंचाई है.

गौरतलब है कि अब तक 289ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी की और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है.

इस बात पर ध्यान दिया जाए कि 20 दिन पहले 24 अप्रैल 2021 को 126 मिलियन टन एलएमओ लोड के साथ महाराष्ट्र में अक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने सुपुर्दगी आरंभ की.

केवल 20 दिनों में रेलवे ने 12 राज्यों में 7900 मिलियन टन मेडिकल आक्सीजन पहुंचाते हुए अपनी आक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों के संचालनों को बढ़ाया है.

भारतीय रेलवे देश के हर कोने से जैसे पश्चिम में हापा एवं मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अनुगुल से ऑक्सीजन उठा रही है और फिर उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, एमपी, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और यूपी राज्यों में जटिल परिचालन मार्गों की योजना द्वारा उसे पहुंची रही है.

इस विज्ञप्ति को तैयार करते समय आंध्र प्रदेश और केरल के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां क्रमशः 40 एमटी और 118 एमटी ऑक्सीजन राहत के साथ आगे बढ़ रही हैं

इस विज्ञप्ति के जारी होने तक, 11 लोडेड आक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां 50 टैंकरों में 865 मिलियन टन से अधिक एलएमओ लेकर चल रही हैं.

दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु और कर्नाटक प्रत्येक के लिए 1000 मिलियन टन एलएमओ की सुपुर्दगी की गई

इस बात पर ध्यान दिया जाए कि 34 दिन पहले 24 अप्रैल 2021 को 126 मिलियन टन एलएमओ लोड के साथ महाराष्ट्र में अक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने सुपुर्दगी आरंभ की.

भारतीयरेलवेकायहप्रयासहैकियथासंभवकमसेकमसमयमेंअनुरोधकरनेवालेराज्योंकोएलएमओपहुंचाए

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश,आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम जैसे 15 राज्यों तक ऑक्सीजन राहत पहुंचाई.

इस प्रेस विज्ञिप्ति के जारी होने के समय तक महाराष्ट्र में 614मिलियन टन, उत्तर प्रदेश में करीबन 3731 मिलियन टन, मध्य प्रदेश में 656मिलियन टन, दिल्ली में 5185मिलियन टन, हरियाणा में 1967मिलियन टन, राजस्थान में 98 मिलियन टन, कर्नाटक में 1773 मिलियन टन, उत्तराखंड में 320 मिलियन टन, तमिलनाडु में 1554 मिलियन टन, आंध्र प्रदेश में 1268 मिलियन टन, पंजाब में 225 मिलियन टन, केरल में 380 मिलियन टन, तेलंगाना में 1432मिलियन टन, झारखंड में 38 मिलियन टन और असम में 160 मिलियन टन अक्सीजन ऑफलोड किया गया.

भारतीय रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों के साथ विभिन्न मार्गों की मैपिंग की है और राज्यों से प्राप्त  किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए खुद को तैयार रखा है. एलएमओ लाने के लिए राज्य भारतीय रेलवे को टैंकर प्रदान करते हैं.

भारतीय रेलवे देश के हर कोने से जैसे पश्चिम में हापा एवं मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अनुगुल से ऑक्सीजन उठा रही है और फिर उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, एमपी, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली यूपी और असम राज्यों में जटिल परिचालन मार्गों की योजना द्वारा उसे पहुंची रही है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत यथासंभव सबसे तेज समय में पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों को चलाने में नए मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है.  ज्यादातर लंबी दूरियों के मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है.  अत्यंत अत्यावश्यक स्थिति में उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर पर गाड़ियां चलाते हुए विभिन्न जोनों की परिचालन टीमें इन सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि ऑक्सीजन सबसे तेज यथासंभव समय सीमा में पहुंचे. विभिन्न सेक्शनों में कर्मीदल परिवर्तन के लिए तकनीकी ठहराव समय को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

पटरियों को खुला रखा जा रहा है और उच्च सतर्कता बरती जा रही है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस आगे बढ़ती रही.

यह सब इस तरह से किया जा रहा है कि अन्य माल ढुलाई संचालनों की गति भी कम न हो.

नई ऑक्सीजन गाड़ी चलाना एक बहुत ही गतिशील प्रयास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. ऑक्सीजन से भरे अधिक एक्सप्रेस गाड़ियां रात में अपनी यात्रा शुरू करने वाली हैं.  

                                                                                                                                                               

            




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