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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.190/2020-2103-06-2021
Secunderabad
ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने 23741 मीट्रिक टन से अधिक एलएमओ राष्ट्र में वितरित किया


Øदेश भर में वितरण के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने झारखंड से 8025 मीट्रिक टन, ओडिशा से 7102 मीट्रिक टन, गुजरात से 6384 मीट्रिक टन, पश्चिम बंगाल से 1360 मीट्रिक टन, महाराष्ट्र से 488 मीट्रिक टन, छत्तीसगढ़ से 218 मीट्रिक टन और आंध्र प्रदेश से 164 मीट्रिक टन लदान किया.

 

Øझारखंड, ओडिशा और गुजरात ऑक्सीजन एक्सप्रेस डिलीवरी में शीर्ष 3 योगदानकर्ता हैं.

 

Ø344 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने देश भर में ऑक्सीजन वितरण कार्य पूरा किया

 

Øऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अब तक 1405 टैंकरों में तरल मेडीकल ऑक्सीजन पहुंचाया और 15 राज्यों को राहत पहुंचाई.

 

Øमहाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5692 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2135 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 2674 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में2348 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 2279 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 2026 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 320 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई.

सभी बाधाओं को पार करते हुए तथा नए समाधान खोजते हुए, भारतीय रेल देश भर के विभिन्न राज्यों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर राहत पहुंचाने की अपनी यात्रा जारी रखे है. अब तक, भारतीय रेल ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 1405 से अधिक टैंकरों में 23741 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन वितरिण किया.

 

उल्लेखनीय है कि अब तक 344 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी करते हुए विभिन्न राज्यों को राहत प्रदान की है. आज की तारीख तक, ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने झारखंड से 8025 मीट्रिक टन, ओडिशा से 7102 मीट्रिक टन, गुजरात से 6384 मीट्रिक टन, पश्चिम बंगाल से 1360 मीट्रिक टन, महाराष्ट्र से 488 मीट्रिक टन, छत्तीसगढ़ से 218 मीट्रिक टन और आंध्र प्रदेश से 164 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन देश भर में वितरण के लिए लदान किया है.

 

देश भर से, भारतीय रेल पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन ला रही है और जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में फिर उसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्यों तक पहुंचा रही है..

 

इस प्रेस रिलीज के निकलने तक, 22 टैंकरों में 420 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन के साथ 6 भरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां मार्ग में थी. दक्षिणी राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना को ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 2000 मीट्रिक टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन प्राप्त हुआ है.

 

यह उल्लेखनीय है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने 39 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 मीट्रिक टन के साथ अपनी डिलीवरी आरंभ की थी. भारतीय रेल का यह प्रयास है कि अनुरोधकर्ता राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन वितरित किया जाए.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 15 राज्यों जैसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम तक पहुंचाई गई है.

 

इस प्रेस रिलीज के निकलने के समय तक, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5692 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2135 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 2674 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 2348 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 2279 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 2026 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 320 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है.

 

अब तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने देश भर के 15 राज्यों के लगभग 39 शहरों/कस्बों जैसे उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, बरेली, गोरखपुर और आगरा, मध्य प्रदेश में सागर, जबलपुर, कटनी और भोपाल, महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, पुणे मुंबई और सोलापुर, तेलंगाना में हैदराबाद, हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम, दिल्ली में तुगलकाबाद, दिल्ली कैंट और ओखला, राजस्थान में कोटा और कनकपारा, कर्नाटक में बेंगलुरु, उत्तराखंड में देहरादून, आंध्र प्रदेश में नेल्लूरू, गुंटूर, तड़ेपत्री और विशाखापत्तनम, केरल में एर्नाकुलम, तमिलनाडु में तिरुवल्लूर, चेन्नई, तूतीकोरिन, कोयंबतूर और मदुरै, पंजाब में भटिंडा और फिल्लौर, असम में कामरूप और झारखंड में रांची तक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

 

भारतीय रेल ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों तक विभिन्न मार्गों का मानचित्रण किया है और राज्यों से आने वाली किसी भी आवश्यकता के लिए तैयार है. तरल मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए राज्य भारतीय रेल को टैंकर प्रदान करते हैं.

 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत शीघ्र अति शीघ्र पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के परिचालन हेतु मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है. लंबी दूरी की यात्रा के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता के साथ ग्रीन कॉरिडोर पर परिचालन के लिए, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑक्सीजन कम से कम संभव समय सीमा में पहुंचे। विभिन्न सेक्शनों में क्रू बदलने के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस निरंतर आगे बढ़ती रहे. मार्ग खुला रखा जाता है और उच्च सतर्कता बरती जाती है.यह सब इस तरह से किया जाता है कि अन्य माल गाड़ियों की गति भी कम न हो.

भारतीय रेल ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों तक विभिन्न मार्गों का मानचित्रण किया है और राज्यों से आने वाली किसी भी आवश्यकता के लिए तैयार है. तरल मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए राज्य भारतीय रेल को टैंकर प्रदान करते हैं. नई ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन बहुत ही गतिशील अभ्यास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. देर रात भरी हुई और अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेसों के चलने की आशा है.

 

 

 

 





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