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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.244/2020-2102-07-2021
Secunderabad
किसान रेल द्वारा 2.7 लाख टन कनसाइनमेंट का परिवहन किया गया जिससे भारत में किसानों को बाजार तक राष्ट्रव्यापी पहुंच मिल रही है


अब तक 60 मार्गों पर यह सेवा उपलब्ध है

 

भारतीय रेल, अपने अखिल भारतीय नेटवर्क के साथ, रेल द्वारा परिवहन को प्रोत्साहित करके कृषि क्षेत्र में आय बढ़ाने की सरकारी योजना का एक अभिन्न अंग है. किसान रेल की शुरूआत ने किसानों को भारतीय बाजारों तक व्यापक पहुंच प्रदान की है. किसान रेल ने अब तक 2.7 लाख टन माल लदान किया है. अब तक यह सेवा 60 मार्गों पर उपलब्ध है.

रेलवे किसान रेल सेवा शुरू करने की योजना के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, राज्य सरकारों (कृषि/बागवानी/मत्स्य पालन विभाग, आदि सहित), तथा स्थानीय निकायों और एजेंसियों, मंडियों आदि सहित विभिन्न हितधारकों के साथ लगातार प्रयास कर रही है।

किसान रेल की मुख्य विशेषताएं:

उत्पादन या अधिकता वाले क्षेत्रों से उपभोग या कमी वाले क्षेत्रों में फल, सब्जियां, मांस, मुर्गी पालन, मत्स्य और डेयरी उत्पादों सहित खराब होने वाली वस्तुओं के परिवहन को सक्षम बनाता है;

शीघ्र माल ढुलाई ट्रांसिट के दौरान न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करता है;

दूरस्थ, बड़े और अधिक आकर्षक बाजारों तक पहुंच के लिए किसानों को विशाल रेल नेटवर्क का उपयोग करने में सक्षम बनाता है;

फलों और सब्जियों के परिवहन के लिए माल लदान पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है ('ऑपरेशन ग्रीन - टॉप टू टोटल' योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा वहन किया जा रहा है);

मल्टी कमोडिटी, मल्टी कनसाइनर, मल्टी कनसाइनी, मल्टी स्टॉपेज, टाइम-टेबल वाली गाड़ियों की अवधारणा के आधार पर - कम उपज वाले छोटे किसानों को भी बिना किसी बिचौलिए के अपने माल के परिवहन में सहायता करना;

बुक की जाने वाली मात्रा की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है, जिससे छोटे और मझौले किसान भी बड़े और दूरस्थ बाजारों तक पहुंच सकते हैं;

परिवहन समय के साथ-साथ लागत में कमी के कारण अंतिम छोर के उपभोक्ताओं (बड़े शहरों और खपत केंद्रों पर) को भी सस्ती कीमतों पर ताजा उपज मिलती है.

केंद्रीय बजट 2020-21 में की गई घोषणा के अनुपालन में, भारतीय रेल द्वारा किसान रेल गाड़ियां आरंभ की गई हैं - उत्पादन या अधिकता वाले क्षेत्रों से खपत या कमी वाले क्षेत्रों तक खराब होने वाली और कृषि-उत्पाद (फलों, सब्जियों, मांस, मुर्गी, मत्स्य और डेयरी उत्पादों सहित) का परिवहन करने के लिए.

किसान रेल स्कीम के अंतर्गत पहली गाड़ी - देवलाली (महाराष्ट्र) और दानापुर (बिहार) के बीच, को श्री पीयूष गोयल, माननीय मंत्री रेल एवं वाणिज्य और उद्योग तथा श्री नरेंद्र सिंह तोमर, माननीय मंत्री कृषि एवं किसान कल्याण ने दि.07.08.2020को झंडी दिखाकर रवाना किया. बाद में इस गाड़ी को संगोला (महाराष्ट्र) और मुजफ्फरपुर (बिहार) तक विस्तारित किया गया.

माननीय प्रधान मंत्री द्वारा 28 दिसंबर 2020 को किसान रेल स्कीम के अंतर्गत 100वीं ट्रिप - सांगोला (महाराष्ट्र) और शालीमार (पश्चिम बंगाल) के बीच – को हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई.

 18 जून 2021 तक, किसान रेल गाड़ियों की कुल 850 ट्रिप 60 मार्गों पर परिचालित की गईं, जिसमें 2.7 लाख टन से अधिक माल लदान किया गया. वर्ष 2021 के दौरान इन गाड़ियों का मासिक निष्पादन निम्नानुसार रहा है:

जनवरी 2021 – 82 ट्रिप (32,332 टन)

फरवरी 2021 – 128 ट्रिप (41,665 टन)

मार्च 2021 – 133 ट्रिप (40,695 टन)

अप्रैल 2021-127 ट्रिप (39,518 टन)

मई 2021 -173 ट्रिप (55,300 टन)

जून (18 तक ) - 93 ट्रिप (32,542 टन)

किसान रेल गाड़ियों समय-सारणी बद्ध मार्गों पर परिचालित की जा रहीं हैं, और समयपालन के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए भी इनकी निगरानी की जाती है कि खराब होने वाली वस्तुएं नियत समय में अपने गंतव्य तक पहुंचें तथा यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि भारतीय रेलवे के संसाधनों का इष्टतम उपयोग किया जाए.

किसान रेल गाड़ियों के माध्यम से परिवहन की जाने वाली मुख्य फसलों/कृषि उपज में संतरा, प्याज, आलू, केला, आम, टमाटर, अनार, कस्टर्ड सेब, शिमला मिर्च, चीकू, गाजर, आदि शामिल हैं.

मूल्य निर्धारण और सब्सिडी: सभी किसान रेल गाड़ी सेवाओं की दर पार्सल टैरिफ के 'पी-स्केल' पर है.

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के 'ऑपरेशन ग्रीन - टॉप टू टोटल' योजना के अंतर्गत किसान रेल गाड़ी सेवाओं के माध्यम से फलों और सब्जियों के परिवहन पर माल लदान में 50% सब्सिडी दी जाती है.

इस सब्सिडी योजना की शुरुआत (14 अक्टूबर 2020 से प्रभावी) से 15 जून 2021 तक, किसान रेल के माध्यम से लगभग 52.38 करोड़ रुपये की राशि सब्सिडी पर व्यय की गई.

 





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