Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

नागरिक चार्टर

रेलगाड़ियां तथा समय

यात्री सेवाएं / भाड़ा जानकारी

सार्वजनिक सूचना

निविदाएं

हमसे संपर्क करें

कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व
हैदराबाद मंडल
विजयवाड़ा मंडल
मुख्यालय
सिकंदराबाद डिवीजन
गुंटूर मंडल
नांदेड़ मंडल
गुंतकल मंडल
स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत
मुख्यालय
हैदराबाद मंडल
सिकंदराबाद डिवीजन
गुंतकल मंडल
गुंटूर मंडल
नांदेड़ मंडल
विजयवाड़ा मंडल
प्रेस विज्ञप्ति
बिल स्थिति
आवेदन और बिल की स्थिति
महत्वपूर्ण सूचनाएं
परिणाम और अधिसूचना
सर्वेक्षण और निर्माण
रेलवे कर्मचारियों के लिए
विक्रेताओं के लिए पंजीकरण पालसी
अन्य जानकारियां
वेंडरों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
डाउनलोड
प्रक्रिया और आवेदन पत्र
खेल कोटे के तहत नियुक्ति
स्काउट एवं गाइड कोटा के तहत नियुक्ति
Appointment under Scouts & Guides Quota
सांस्कृतिक कोटा के तहत नियुक्ति
चिकित्सा विभाग
विलंब शुल्क और घाट - भाड़ा की माफी
वाणिज्यिक शाखा
व्यय ठेके के लिए ठेकेदारों / आपूर्तिकर्ता / विक्रेताओं के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देश एवं निर्देश
मुख्य चिकित्सा निदेशक कार्यालय, दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद में मेडिकल फार्मास्युटिकल कंपनियों का पंजीकरण
दक्षिण मध्य रेलवे के साथ स्वास्थ्य देखभाल के लिए निजी अस्पतालों का पंजीकरण
शिकायत दर्ज करें
गाड़ी दुर्घटना के बारे में जन सूचना
गाड़ी दुर्घटना जांच रिपोर्ट
गाड़ी दुर्घटना जांच रिपोर्ट
पुरानी सूचनाएं
 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
   

SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.250/2020-2102-07-2021
Secunderabad
राष्ट्र की सेवा में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 34760 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की


 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने तमिलनाडु को सबसे अधिक एलएमओ की डिलीवरी की

 

तमिलनाडु को 6476 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की गई

 

देश के दक्षिणी राज्यों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 20000 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन डिलीवरी का आंकड़ा पार किया

 

474 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों नें पूरे देश में ऑक्सीजन डिलीवरी का कार्य पूरा किया

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने अब तक तरल मेडिकल ऑक्सीजन से भरे 1976 टैंकरों का परिवहन करते हुए 15 राज्यों को राहत पहुंचाई

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक राज्य में क्रमशः 3700, 4800 और 4700 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की

 

महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5791 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2354 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 4697 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 6476 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 4824 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 3791 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 560 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई.

 

भारतीय रेल सभी बाधाओं को पार करते हुए और नए समाधान खोजते हुए, देश भर के विभिन्न राज्यों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर राहत पहुंचाने की अपनी यात्रा जारी रखे हुए है.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने राष्ट्र की सेवा में 34000 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन डिलीवरी का रिकार्ड पार किया.

 

अब तक, भारतीय रेल ने 1976 से अधिक टैंकरों में देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग 34760 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन वितरित किया.

 

उल्लेखनीय है कि अब तक 474 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी की और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई.

 

देश के दक्षिणी राज्यों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 20000 एमटी तरल मेडिकल ऑक्सीजन डिलीवरी का आंकड़ा पार कर लिया.

 

तमिलनाडु को ऑक्सीजन एक्सप्रेस से सबसे अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की गई है. तमिलनाडु को 6476 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी हुई है.

 

अब तक, ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक राज्य में क्रमशः 3700, 4800 और 4700 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन वितरित किया.

 

इस प्रेस रिलीज के जारी होने तक, 1 भरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ी 4 टैंकरों में 74 मीट्रिक टन से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन लेकर मार्ग में थीं.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने 65 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 मीट्रिक टन के साथ डिलीवरी आरंभ की थी.

भारतीय रेल का यह प्रयास है कि अनुरोधकर्ता राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक तरल मेडिकल ऑक्सीजन वितरित किया जाए.

 

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन राहत 15 राज्यों जैसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम तक पहुंचाई गई है.

 

इस प्रेस रिलीज के निकलने के समय तक, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5791 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2354मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 4697मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 6476मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 4824 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 3791मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 560मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है.

 

अब तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों ने देश भर के 15 राज्यों के लगभग 39 शहरों/कस्बों जैसे उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, बरेली, गोरखपुर और आगरा, मध्य प्रदेश में सागर, जबलपुर, कटनी और भोपाल, महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, पुणे मुंबई और सोलापुर, तेलंगाना में हैदराबाद, हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम, दिल्ली में तुगलकाबाद, दिल्ली कैंट और ओखला, राजस्थान में कोटा और कनकपारा, कर्नाटक में बेंगलुरु, उत्तराखंड में देहरादून, आंध्र प्रदेश में नेल्लूरू, गुंटूर, तड़ेपत्री और विशाखापत्तनम, केरल में एर्नाकुलम, तमिलनाडु में तिरुवल्लूर, चेन्नई, तूतीकोरिन, कोयंबतूर और मदुरै, पंजाब में भटिंडा और फिल्लौर, असम में कामरूप और झारखंड में रांची तक तरल मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

 

भारतीय रेल ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों तक विभिन्न मार्गों का मानचित्रण किया है और राज्यों से आने वाली किसी भी आवश्यकता के लिए तैयार है. तरल मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए राज्य भारतीय रेल को टैंकर प्रदान करते हैं.

 

देश भर से, भारतीय रेल पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन ला रही है और जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में फिर उसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्यों तक पहुंचा रही है..

 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत शीघ्र अति शीघ्र पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के परिचालन हेतु मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रही है. लंबी दूरी की यात्रा के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता के साथ ग्रीन कॉरिडोर पर परिचालन के लिए, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑक्सीजन कम से कम संभव समय सीमा में पहुंचे। विभिन्न सेक्शनों में क्रू बदलने के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस निरंतर आगे बढ़ती रहे. मार्ग खुला रखा जाता है और उच्च सतर्कता बरती जाती है.

 

यह सब इस तरह से किया जाता है कि अन्य माल गाड़ियों की गति भी कम न हो.

 

नई ऑक्सीजन एक्सप्रेस का परिचालन बहुत ही गतिशील अभ्यास है और आंकड़े हर समय अद्यतन होते रहते हैं. देर रात भरी हुई और अधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेसों के चलने की आशा है.

 





  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.