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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.261/2020-2107-07-2021
Secunderabad
राष्ट्र की सेवा में, ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा लगभग 35000 मीट्रिक टन का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

राष्ट्र की सेवा में, ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा लगभग 35000 मीट्रिक टन का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

देश के दक्षिण राज्यों को ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा लगभग 20500 एमटी का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया गया.

पूरे देश में 477 ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा ऑक्सीजन की सुपुर्दगी की गई.

अब तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा 1990 टैंकरों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया गया और 15 राज्यों को राहत पहुंचाई गई.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में क्रमशः 3900, 4700, 4800 और 6500 एमटी से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया गया.

महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5863 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2354 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 4697 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 6551 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 4824 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 3909 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 560 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई.

सभी बाधाओं को पार करते हुए और नए समाधान खोजने के लिए, भारतीय रेलवे ने देश भर के विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर राहत देने की अपनी यात्रा जारी रखा है.

राष्ट्र की सेवा में, ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 35000 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सुपुर्दगी का आंकड़ा पार किया.

अब तक, भारतीय रेलवे ने पूरे देश के विभिन्न राज्यों में 1990 से अधिक टैंकरों में लगभग 35018 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

यह उल्लेखनीय है कि अब तक 477 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है.

देश के दक्षिण राज्यों को लगभग 20500 एमटी का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन को ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा पहुंचाया गया.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियों द्वारा तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में क्रमशः 3900, 4700, 4800 और 6500 एमटी से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया गया.

इस रिलीज के समय तक, 28 टैंकरों में 381 एमटी से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के 522 एमटी से अधिक के साथ 6 लोडेड ऑक्सीजन एक्सप्रेस चल रही है.

नोट करने की बात है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 67 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 मीट्रिक टन भार के साथ अपनी सुपुर्दगी शुरू की थी.

यह भारतीय रेलवे का प्रयास है कि अनुरोध करने वाले राज्यों को यथासंभव कम से कम समय में अधिक से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया जाए.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम जैसे 15 राज्यों में ऑक्सीजन राहत पहुंचाई गई.

इस रिलीज के समय तक, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3797 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 656 मीट्रिक टन, दिल्ली में 5863 मीट्रिक टन, हरियाणा में 2354 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 4697 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 6551 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 4824 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 3909 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 560 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई जा चुकी है.

अब तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा देश भर के 15 राज्यों के लगभग 39 शहरों/कस्बों में जैसे उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, बरेली, गोरखपुर और आगरा; मध्य प्रदेश में सागर, जबलपुर, कटनी और भोपाल; महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, पुण, मुंबई और सोलापुर; तेलंगाना में हैदराबाद; हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम; दिल्ली में तुगलकाबाद, दिल्ली कैंट और ओखला; राजस्थान में कोटा और कनकपारा; कर्नाटक में बेंगलुरु; उत्तराखंड में देहरादून; आंध्र प्रदेश में नेल्लोर, गुंटूर, ताड़ीपत्री और विशाखापट्टणम; केरल में एर्नाकुलम; तमिलनाडु में तिरुवल्लूर, चेन्नै, तूतीकोरिन, कोयंबतूर और मदुरै; पंजाब में भटिंडा और फिल्लौर; असम में कामरूप और झारखंड में रांची को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाया है.

भारतीय रेलवे ने ऑक्सीजन आपूर्ति स्थानों के साथ विभिन्न मार्गों की मैपिंग की है और राज्यों की किसी आपाती आवश्यकता को पूरा करने के लिए तैयार है. भारतीय रेलवे, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है.

देश भर में, भारतीय रेलवे ने पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन लिया है और फिर इसे उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम राज्यों में जटिल परिचालन मार्ग नियोजन परिदृश्यों में आक्सीजन पहुंचाया है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत सबसे तेज समय में पहुंचे, रेलवे ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के संचालन में नए मानक और अभूतपूर्व बेंचमार्क बना रहे है. लंबी दूरी के अधिकतर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है. उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर पर चल रहे हैं, ऑक्सीजन सबसे तेज संभव समय सीमा में पहुंचने की सुनिश्चितता के लिए उच्चतम अत्यावश्यकता के साथ, विभिन्न क्षेत्रों की परिचालन टीमें सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं. विभिन्न सेक्शनों में बदलने वाले कर्मीदल के लिए तकनीकी ठहराव को घटाकर 1 मिनट कर दिया गया है.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस को आगे बढ़ने के लिए पटरियों को खुला रखा गया और उच्च सतर्कता बरतने की सुनिश्चितता किया जा रहा है.

इन सबका इस तरह से योजना बनाई गई कि अन्य माल ढुलाई की गति संचालन में कमी न हो.

नई ऑक्सीजन के संचालन करना एक बहुत ही गतिशील अभ्यास है और आंकड़े हर समय अद्यतन हो रहे हैं. ऑक्सीजन से भरी हुई एक्सप्रेस गाड़ी रात में अपनी यात्रा शुरू करने की उम्मीद है.





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