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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.294/2021-2220-07-2021
Secunderabad
रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम में बड़ी प्रगति कर रहा है प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नव विकसित गांधीनगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे


रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम में बड़ी प्रगति कर रहा है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नव विकसित गांधीनगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे

गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है और यह आधुनिक सुविधाओं के साथ राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार है

गांधीनगर स्टेशन तकनीक का चमत्कार और यात्रियों की सुविधा का प्रतीक है

भारतीय रेलवे ने स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम में एक बड़ी छलांग लगाई है और गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन राष्ट्र को आधुनिक सेवाएं देने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल नवविकसित गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे.

गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास एक सिटि बूस्टर के रूप में कार्य करेगा और निवेश चक्र, नौकरी के अवसर पैदा करेगा और सामान्य रूप से गांधीनगर की अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी, ज्योंकि गुजरात राज्य की राजधानी है.

इस अनूठी परियोजना को आईआरएसडीसी (भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम) के माध्यम से गुजरात सरकार और रेल मंत्रालय की साझेदारी में गरुड़ (गांधीनगर रेलवे और शहरी विकास निगम) नामक एक संयुक्त उद्यम कंपनी ने तैयार किया है.

यह भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना है जो मुंबई और बैंगलोर जैसे अधिक घनत्व वाले शहरों में इस तरह के विकास का मार्ग सुगम करेगी. इस मिशन के तहत, 125 स्टेशनों के पुनर्विकास पर काम चल रहा है. इसमें से, आईआरएसडीसी ने 63 स्टेशनों और आरएलडीए द्वारा 60 स्टेशनों पर पर काम चल कर रहा है, जिसमें से दो स्टेशनों का विकास जोनल रेलवे द्वारा किया जा रहा है. रियल एस्टेट विकास के साथ-साथ 123 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए कुल निवेश 50,000 करोड़ रुपये से अधिक है.

स्टेशन भविष्य के लिए तैयार हैऔर स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्रस्थान करने वाले यात्रियों के लिए कॉनकोर्स का उपयोग किया जाएगा. हालांकि, निकट भविष्य में, यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की मांगों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र में खुदरा, खाद्य पदार्थ और मनोरंजन आउटलेट खोलने की योजना है. बिग बाजार और शॉपर्स स्टॉप जैसे बडें व्यापारियों ने भी अपने मिनी आउटलेट खोलने में रुचि दिखाई है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए स्टेशन पर खरीदारी करना सुविधाजनक हो गया है. पुनर्विकसित स्टेशन एक "सिटी सेंटर रेल मॉल" की तरह काम करेगा जहां उपलब्ध सेवाएं यात्रा सेवा का एक हिस्सा होगी.

स्टेशन दिव्यांगजनों के लिए हितैषी होगा और सभी स्थानों पर लिफ्ट और रैंप होंगे. टैक्टाइल फ्लोरिंग जैसी अन्य सुविधाएं भी होंगी. स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा जैसे पर्याप्त प्रतीक्षा स्थान, धूप/बारिश आदि से सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्तंभ रहित छत, वातानुकूलित बहुउद्देशीय प्रतीक्षालय, शिशु आहार कक्ष, सुधार किए गए साइनेज और आधुनिक शौचालय, सामान्य जनता के लिए सर्वधर्म प्रार्थना कक्ष आदि. अन्य सुविधाएं जैसे आर्ट गैलरी, अग्रभाग थीम वाली प्रकाश व्यवस्था, अतिरिक्त आकर्षण प्रदान करेगी जो न केवल यात्रियों को आनंदित करेगी बल्कि सभी के लिए गर्व की बात भी होगी क्योंकि यह स्टेशन देश में अपने आप में ऐसी व्यवस्था वाला पहला स्टेशन होने का दावा कर सकता है. कॉनकोर्स के बिना, इस पुनर्विकसित स्टेशन को व्यस्ततम समय में 1,500 यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है. कॉनकोर्स के साथ, व्यस्ततम समय में यात्रियों की सम्हलाई क्षमता 2,200 तक पहुंच जाएगी. स्टेशन का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण पोर्टलैंड पॉज़ोलाना सीमेंट, फ्लाई ऐश ईंटों आदि जैसी टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग के माध्यम से और ऊर्जा कुशल डिजाइनों, वर्षा जल संचयन और पानी के पुनर्चक्रण के माध्यम से पानी, बिजली की आवश्यकताओं को कम करना है.

गांधीनगर रेलवे स्टेशन 'इंजीनियरी, अधिप्राप्ति और निर्माण (ईपीसी)' मॉडल पर आधारित पुनर्विकास के लिए इस मॉडल को अपनाने वाला भारतीय रेलवे का पहला स्टेशन है. स्टेशन पर अपनी तरह का अनूठा, स्तंभ मुक्त चिकना और किफायती 99-मीटर (105 मीटर कर्विलिनियर) स्पैन ओवर प्लेटफॉर्म (भारतीय रेलवे में सबसे लंबा ऐसा स्पैन जिसमें केवल 120 किलोग्राम / वर्गमीटर स्टील शामिल है) स्पेस फ्रेम, मौसम प्रूफ सीमलेस एल्युमिनियम शीटिंग के साथ उपलब्ध है. सबवे प्रदान करना, ऊंची इमारत का समर्थन करने के लिए बड़ी नींव और रूफ ट्रस के माध्यम से लॉन्च करना अनोखी इंजीनियरी चुनौतियां थीं जिन्हें कार्य निष्पादन के दौरान सफलतापूर्वक पूरा किया गया था. वास्तव में, इस परियोजना से मिली सीख से, शहरों के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ऐसी जटिल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी और इस परियोजना का प्रभाव सर्वत्र पडेगा.

गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर 32 थीमों के साथ दैनिक परिवर्तनशील थीम-आधारित प्रकाश व्यवस्था स्टेशन पर उपलब्ध प्रमुख विशेषताओं में से एक है और यह भारतीय रेलवे पर ऐसी सुविधाओं वाला अब तक का पहला स्टेशन है. गांधीनगर रेलवे स्टेशन के लिए योजना के अनुसार थीम लाइटिंग के पीछे की अवधारणा पुनर्विकसित स्टेशन को एक बड़े कैनवास के रूप में उपयोग करना है. एलईडी लाइट्स को "कंक्रीट में रंग" भरने और हर रोज सूर्यास्त के बाद इमारत का जीवंत करने के लिए उसका रंग बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है. डांसिंग लाइटों का उपयोग इस स्थान को आम आदमी के लिए विशेष बनाने के लिए किया गया है. अहमदाबाद / गांधीनगर क्षेत्र में सबसे ऊंची 77 मीटर की इस रेलवे स्टेशन इमारत की पृष्ठभूमि से जब इसके अग्रभाग की लाइटिंग दूसरी ओर स्थित दांडी कुटीर पर पडेगी, तो यह देखने लायक होगी.

गांधीनगर की जनता और दांडीकूटीर के पर्यटक भी पुनर्विकसितस्टेशन के परिचरण क्षेत्र में सृजित हरित बेल्ट से इस मनोहर दृश्य से आनंदित होंगे.

नव विकसित गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं :-

·टिकट की सुविधा के साथ विशाल प्रवेश लॉबी

अत्याधुनिक बाहरी अग्रभाग और भूनिर्माण (लैंडस्केपिंग)

थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था

लाइव एलईडी दीवार के साथ समर्पित विशेष आर्ट गैलरी डिस्प्ले लाउंज

केंद्रीकृत एसी बहुउद्देशीय प्रतीक्षालय

एस्केलेटर और लिफ्ट और

दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं

अंतर-विश्वास प्रार्थना हॉल,

वातानुकूलित शिशु फीडिंग कक्ष आदि.

लगभग 500 यात्रियों के लिए प्लैटफॉर्म पर प्रतीक्षालय

सब-वे से अच्छी तरह से जुड़े प्लैटफॉर्म, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं.

स्टेशन पुनर्विकास करना रेल मंत्रालय के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है.

कार्यान्वित परियोजना

1.गांधीनगर (गुजरात)

2. हबीबगंज (भोपाल)

3. बेंगलुरु में एसएमवीटी

प्रगति पर -

अयोध्या

बिजवासन (दिल्ली)

गोमतीनगर (लखनऊ)

दिल्ली सफदरजंग

अजनी (नागपुर)





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