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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.302/2021-2222-07-2021
Secunderabad
दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा मानसून की तैयारी के लिए उठाए गए कदम - मानसून संबंधी मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार की गई


दक्षिण मध्य रेलवे अपने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. जोन ने संवेदनशील स्थानों (पुलों सहित) की पहचान की है, जिन पर मानसून में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. जोन ने मानसून से संबंधित मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में सभी मंडलों पर कार्यान्वयन के लिए एक कार्य योजना तैयार की है. यह कार्य योजना गाड़ी परिचालन और अवसंरचना अनुरक्षण में शामिल बहु-स्कंध टीमों के सभी वर्गों के इनपुट को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है. 

दक्षिण मध्य रेलवे की मानसून तैयारियों में कुछ प्रमुख क्षेत्रों को महत्व दिया गया है जिसमें निम्न शामिल हैं:  

1.रेलपथ की मानसून गश्त और संवेदनशील स्थलों/पुलों की निगरानी: रेलपथ की मानसून गश्त चिन्हित ब्लॉक सेक्शनों में इस अवधि के दौरान की गई और संवेदनशील स्थानों तथा पुलों की निगरानी स्थायी चौकीदार को तैनात करके की जाती है. किसी भी सेक्शन में असामान्य वर्षा या तूफान की अवधि के दौरान, मौसम साफ होने तक गश्त की जाती है.  

2.रेलवे प्रभावित टैंक: जोन पर लगभग 1900 रेलवे प्रभावित टैंकों को चिंन्हित किया गया है जिनका रेलवे पदधिकारियों और संबंधित राज्य सरकार के पदधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया जाता है. टैंकों की स्थिति और मरम्मत की समीक्षा के लिए संबंधित सिंचाई पदधिकारियों के साथ राज्य स्तरीय बैठकें आयोजित की जाती हैं. मानसून के दौरान इन टैंकों की वर्तमान स्थिति पर राज्य सरकार के पदधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा जाता है.  

3.जलाशयों और बांधों का जल स्तर: बांधों और जलाशयों से जुड़े पुलों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए मंडल रेलवे पदाधिकारियों द्वारा राज्य सिंचाई प्राधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया ताकि अतिरिक्त पानी छोड़ने के मामले में रेलवे द्वारा समय पर कार्रवाई की जा सके.   

4.मौसम चेतावनी और चक्रवात चेतावनी संदेश: मौसम चेतावनी/चक्रवात संदेश प्राप्त करने के लिए संबंधित मौसम विभाग के साथ संपर्क प्रणाली मौजूद है, जिसे सभी संबंधित क्षेत्र पदाधिकारियों को कार्रवाई के लिए तुरंत प्रसारित किया जाता है.  

5.एनीमोमीटर: तेज हवा की गति के मामले की चेतावनी देने के लिए चिन्हित पुलों के समीप स्थित स्टेशन भवनों पर 30 एनीमोमीटर लगाए गए हैं, ताकि गाडी यातायात को नियमित करने के लिए तत्पर कार्रवाई की जा सके.

6.जल स्तर निगरानी प्रणाली: चिन्हित पुलों पर 12 स्वचालित जल स्तर निगरानी उपकरण स्थापित किए गए हैं जो इन पुल के स्थलों पर जल स्तर का निरंतर डेटा उपलब्ध कराएंगे.   

7.पर्याप्त संचय स्टॉक रखना:  बाढ़/दरारों के कारण होने वाली किसी भी घटना से निपटने के लिए मंडलों के नामित स्थलों पर रेलपथ/पुलों को बहाल करने के लिए मानसून आपाती संचय स्टॉक सामग्री जमीन के साथ-साथ माल वैगनों पर भी रखी जाती है.  

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक ने जोन के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए इस अवधि में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए है. उन्होंने सभी छह मंडलों के पदाधिकारियों को संरक्षा सावधानियों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया और दोहराया कि "संरक्षा के प्रति शून्य सहिष्णुता" होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यात्री गाड़ियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए और नियमन या गाडी सेवाओं में व्यवधान की स्थिति में जनता को जल्द से जल्द सूचना दी जानी चाहिए. 






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