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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.327/2021-2228-07-2021
Secunderabad
गोदावरी पुल 100 किमीप्रघं की अधिकतम अनुमत गति के साथ 1 किमी लंबा दक्षिण मध्य रेलवे का सबसे पहला कंक्रीट पुल है


·इस पुल पर अधिकतम अनुमत गति को 50 किमीप्रघं से बढाकर दुगुना कर दिया गया है.

·यह महत्वपूर्ण स्वर्ण विकर्ण मार्ग में मंचिर्याल और पेद्दमपेट स्टेशनों के बीच स्थित है.

*****

दक्षिण मध्य रेलवे अपने रेल नेटवर्क पर गति बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी रेल अवसंरचना को लगातार मजबूत तथा आधुनिक बना रही है. इस दिशा में मंचिर्याल-पेद्दमपेट सेक्शन के बीच स्थित महत्वपूर्ण गोदावरी पुल पर अधिकतम अनुमेय गति को दुगुना करके 100 किमी प्रति घंटे तक बढाना एक और महत्वपूर्ण कदम है. दक्षिण मध्य रेलवे पर यह भी पहली बार हुआ है कि 1 किमी से अधिक लंबाई के बैलेस्टेड डेक पुल को 100 किमी प्रति घंटे की गति से परिचालन की अनुमति दी गई है.

मंचिर्याल - पेद्दमपेट के बीच 9 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, काजीपेट - बल्हारशाह सेक्शन के स्वर्ण विकर्ण मार्ग (ग्रैंड ट्रंक) मार्ग में स्थित है, जो विशेष रूप से देश के उत्तरी क्षेत्र से दक्षिणी क्षेत्र का प्रवेश द्वार है. गोदावरी नदी पर 1.2 किलोमीटर लंबाई के एक महत्वपूर्ण पुल के साथ, इस सेक्शन में सात छोटे-छोटे पुल स्थित हैं. यह सेक्शन कई कोयले, सीमेंट और थर्मल प्लांटों संयंत्रों से घिरा हुआ है, जिनकी साइडिंग/उद्योगों के लिए अलग-अलग लाइनें हैं, जिससे सेक्शन में काफि भीड़-भाड़ होती है. भीड़भाड़ को कम करने और इसके महत्व को देखते हुए, तीसरी लाइन को वर्ष 2018 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया था.

तब से, मंचिर्याल-पेद्दमपेट के बीच ब्लॉक सेक्शन में अधिकतम अनुमेय गति 80 किमी प्रति घंटे थी, जबकि गोदावरी पुल पर अधिकतम गति 50 किमी प्रति घंटे थी. इस प्रमुख पुल पर गति को दुगुना करने के लिए, दक्षिण मध्य रेलवे ने पुल के साथ सभी लंबी वेल्ड रेलों की वेल्डिंग को शामिल करते हुए, पुल के दोनों पटरियों पर स्विच एक्सपेंशन ज्वाइंट (एसईजे) देने के लिए, 120 वैगन गिट्टी के ढुलाई के लिए रेलपथ संरचना को मजबूत करने और टैंपिंग सहित अन्य प्रमुख कार्य किए गए. तदनुसार, रेलपथ पर कोई खराबी न होना सुनिश्चित करने के लिए पुल पर ट्रैक रिकॉर्डिंग कार और ऑसिलेशन मॉनिटरी प्रणाली परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए.

इसके साथ ही, मंचिर्याल से पेद्दमपेट के बीच तीसरी लाइन के अस्थायी गति प्रतिबंधों की मरम्मत की गई और इस सेक्शन पर गति को बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटे कर दिया गया. यह रेल बुनियादी ढांचे को विकसित करने और इसकी प्रणाली में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के मार्ग पर जोन द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है. इससे काजीपेट-बल्हारशाह सेक्शन, जो एक व्यस्ततम और सैचुरेटेड सेक्शन है और जिसमें यात्री और मालगाड़ियों को पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है, में बेहतर गाड़ी परिचालन में सहायता मिलेगी.

श्री गजानन मल्लया, महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ने इंजीनियरी टीम की सराहना की है, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में अथक प्रयास किए. उन्होंने कहा कि इतने लंबे और महत्वपूर्ण पुल पर गति बढ़ाने से गाड़ी परिचालन में भीड़भाड़ कम होगी, साथ ही रेल यात्रियों को आरामदायक यात्रा प्रदान करने में मदद मिलेगी.





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