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SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.754/2021-2203-02-2022
Secunderabad
रेल बजट 2022-23 की मुख्य विशेषताएं महाप्रबंधक, दमरे ने आज वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस की






- 2022-23 के बजट में दमरे को अब तक का सबसे अधिक आवंटन, बजट में लगभग 30% की वृद्धि

- तेलंगाना राज्य को 3,048 करोड़ रुपये का आवंटन, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26% अधिक

- आंध्र प्रदेश राज्य को 7,032 करोड़ रुपये का आवंटन, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21% अधिक

संसद में दि. 01 फरवरी, 2022 को आम बजट 2022-23 प्रस्तुत किया गया, इसमें रेलवे का बजट भी शामिल था.पिंक बुक, जिसमें अवसंरचना कार्यों, अनुदानों की मांग और रेलवे में विभिन्न कार्यों को करने के लिए बजटीय आबंटन के व्यापक विवरण शामिल होता हैं, कल संसद में पेश किया गया. श्री संजीव किशोर, महाप्रबंधक, दमरे ने दक्षिण मध्य रेलवे के लिए 2022-23 के बजटीय आबंटन की जानकारी देने हेतु आज अर्थात 03 फरवरी, 2022 को वर्चुअलमाध्यम से एक प्रेस मीट आयोजित की, जिसका विवरण निम्नानुसार है: -

दक्षिण मध्य रेलवे को आबंटित बजट की मुख्य विशेषताएं.

दमरे को वर्ष 2022-23 के लिए (नई लाइन, दोहरी लाइन, तीसरी लाइन और विद्युतीकरण कार्य हेतु) 9,125 करोड़ रुपये का भारी भरकम राशि मंजूर की गई है. जो पिछले वर्ष 2021-22 के 7,049 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 30% अधिक.

दोहरीकरण, तीसरी लाइन और बाईपास लाइन के कार्यों के लिए, कुल बजटीय अनुदान (सभी स्रोतों सहित) 5,517 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष 4,238 करोड़ रुपये था.

नई लाइनों के लिए, पूंजी, जमा, अतिरिक्त बजटीय संसाधन आदि सहित कुल बजटीय अनुदान 2,817 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष 2,195 करोड़ रुपये था.

विद्युतीकरण कार्यों के लिए कुल बजटीय अनुदान रु. 791 करोड़ है, जबकि पिछले वर्ष में 617 करोड़ रुपये था.

वर्ष 2022-23 के दौरान संरक्षा संबंधी कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बजट बंटन में निम्नलिखित परियोजना शामिल है –

Øसड़क संरक्षा कार्यों (लेवल क्रॉसिंग, पुलों और आरओबी/आरयूबी) के लिए 758 करोड़ रुपये आबंटित, जबकि पिछले वर्ष का आवंटन 672 करोड़ रुपये था.

Øट्रैक नवीनीकरण कार्यों के लिए 1,040 करोड़ रुपये आबंटित, जबकि पिछले वर्ष का आबंटन 862 करोड़ रुपये था.

Øकवच यानी स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) के कार्यान्वयन के लिए 54 करोड़ रुपये की राशि आबंटित.

दक्षिण मध्य रेलवे पर चल रही कुछ महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजनाओं के लिए बजटीय आबंटन और उनकी वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

Øनडिकुडी-श्रीकालहस्ती नई लाइन परियोजना के लिए रु.1,501 करोड़ आबंटित.2,289 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 309 किलोमीटर की दूरी के लिए वर्ष 2011-12 में परियोजना को मंजूरी दी गई थी. निशुल्क भूमि के साथ परियोजना की लागत का 50% आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाना है. न्यू पिडुगुराल्ला से सावल्यापुरम के बीच 46 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है और शेष सेक्शन का कार्य प्रगति पर है.

Øकोटिपल्ली-नरसापुर नई लाइन परियोजना के लिए रु. 358 करोड़ आबंटित. 2,120 करोड़ रूपये की स्वीकृत लागत के साथ 57 किलोमीटर की दूरी के लिए परियोजना को वर्ष 2000-01 में मंजूरी दी गई थी. परियोजना की लागत का 25% आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा. इस सेक्शन की नई लाइन निर्माण कार्य में गौतमी, वैनतेय और वशिष्ठ नदियों पर महत्वपूर्ण बडी पुलों का निर्माण शामिल है और यह कार्य तेजी से चल रहा हैं.

Øमुनीराबाद-महबूबनगर नई लाइन परियोजना के लिए रु. 289 करोड़ आबंटित. 1,723 करोड़ रूपये की स्वीकृत लागत के साथ 244 किलोमीटर की दूरी के लिए परियोजना को वर्ष 1997-98 में मंजूरी दिया गया था. 244 किलोमीटर में से 66 किलोमीटर दमरे (तेलंगाना राज्य) के अधिकार क्षेत्र में आता है और उस हिस्से के लिए स्वीकृत लागत 452 करोड़ रुपये हैं. 178 किलोमीटर का शेष भाग दपरे (कर्नाटक राज्य) के अंतर्गत आता है. देवराकाद्रा-मकथल के बीच के 40 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन को पूरा कर चालू कर दिया गया है. दक्षिण मध्य रेलवे के कृष्णा-मकथल के बीच 26 किलोमीटर की दूरी का कार्य तेजी से चल रहा है.

Øकडपा-बेंगलुरू नई लाइन परियोजना (आंध्र प्रदेश और कर्नाटक) के लिए रु. 289 करोड़ रुपये आबंटित. इस परियोजना को वर्ष 2008-09 में 255 किलोमीटर की दूरी के लिए रु. 2,706 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ मंजूरी दिया गया था. आंध्र प्रदेश क्षेत्राधिकार में 205 किलोमीटर दमरे के तहत आते हैं. इसकी आनुपातिक स्वीकृत लागत 2,175 करोड़ रुपये है और कर्नाटक क्षेत्राधिकार में 50 किलोमीटर दपरे के तहत आते हैं. दमरे के हिस्से के लिए परियोजना लागत का 50% आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाना है. परियोजना कार्य को दमरे के क्षेत्राधिकार में 4 चरणों में और दपरे के क्षेत्राधिकार में 1 चरण में पूरा किया जाना है. कडपा-पेंडलीमर्री के 21 किलोमीटर की दूरी का पहला सेक्शन पूरा हो चुका है और चालू कर दिया गया है.

Øभद्राचलम-सत्तुपल्ली नई लाइन परियोजना के लिए रु. 163 करोड़ आबंटित. परियोजना को वर्ष 2010-11 में 928 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 54 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था. इस परियोजना को रेलवे और सिंगरेनी कोलियारी ने संयुक्त रूप से लिया है. समझौते के अनुसार, जमीन रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी और निर्माण पर होने वाले खर्च को सिंगरेनी कोलियारी और रेलवे दोनों द्वारा वहन किया जाएगा. भद्राचलम-चंदुरुगोंडा के बीच 25.10 किलोमीटर की दूरी का सेक्शन पूरा हो चुका है. शेष सेक्शनों में तेजी से काम चल रहा है और पूरा होने को है.

Øमनोहराबाद-कोत्तापल्ली नई लाइन परियोजना के लिए रु. 160 करोड़ आबंटित. परियोजना को वर्ष 2006-07 में 1,160 करोड़ रूपये की स्वीकृत लागत के साथ 151 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था. यह तेलंगाना सरकार के साथ लागत साझा करने वाली परियोजना है. तदनुसार, 1/3 लागत तेलंगाना सरकार द्वारा वहन की जाएगा और उनके द्वारा निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. मनोहराबाद-गजवेल से 32 किलोमीटर की दूरी तक परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है. शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं.

Øअक्कन्नापेट-मेदक नई लाइन परियोजना के लिए रु. 41 करोड़ आबंटित. परियोजना को वर्ष 2012-13 में 118 करोड रूपये की स्वीकृत लागत के साथ 17 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था. निःशुल्क भूमि के साथ परियोजना लागत का 50% तेलंगाना सरकार द्वारा वहन किया जाएगा. यह कार्य पूरा होने वाला हैं.

बाय-पास लाइन के साथ कुछ महत्वपूर्ण दोहरीकरण/तीसरी लाइन परियोजनाओं के लिए आबंटन और उनकी स्थिति निम्नानुसार है:

Øविजयवाड़ा-गुडिवाडा/मचिलीपट्टनम-भीमवरम/नरसापुर-निडदावोलु दोहरीकरण और विद्युतीकरण के लिए 1,681 करोड़ रुपये आबंटित. दोहरीकरण परियोजना को वर्ष 2011-12 में स्वीकृत लागत रु. 1,504 करोड़ के साथ 221 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था. यह एक लागत साझा करने वाली परियोजना है और परियोजना लागत का 50% आंध्र प्रदेश के सरकार द्वारा साझा किया जाएगा. गुडिवाडा - मछलीपट्टनम के बीच 35 किलोमीटर और विजयवाड़ा - गुडिवाडा - भीमवरम टाउन के बीच 109 किलोमीटर की दूरी के लिए(कुल 144 किलोमीटर)दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है और चालू कर दिया गया है. शेष सेक्शनों में कार्य तेजी से प्रगति पर है और पूरा होने वाला है.

Øविजयवाड़ा-गूडूर तीसरी लाइन परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये आबंटित.तीसरी लाइन परियोजना को वर्ष 2015-16 में 288 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था, जिसकी स्वीकृत लागत रु. 3549 करोड़ है. गूडूर-बिट्रगुंटा, करवादी-बिट्रगुंटा और कृष्णा कैनाल-करवादी के बीच तीन चरणों में कार्यों का निष्पादन एक साथ शुरू किया गया है. कावली - उलवापाडु के बीच 30 किलोमीटर की दूरी और तलमांची - श्रीवेंकटेश्वरपालेम के बीच 25 किलोमीटर (कुल 55 किलोमीटर) की दूरी का सेक्शन पूरा हो चुका है. शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं.

Øगुंटूर-गुंतकल दोहरीकरण परियोजना के लिए 803 करोड़ आबंटित.दोहरीकरण परियोजना को वर्ष 2016-17 में 401 किलोमीटर की दूरी के लिए स्वीकृत किया गया था, जिसकी स्वीकृत लागत रू. 3,631 करोड़ है. इसमें से नल्लपाडु-सतालुर, एद्दुलदोड्डी-धोन और कुरीचेडु-गज्जेलकोंडा के बीच 92 किलोमीटर का दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी भागों में कार्य की प्रगति अच्छी है.

Øकाजीपेट-विजयवाड़ा तीसरी लाइन परियोजना के लिए 592.5 करोड़ आबंटित. तीसरी लाइन परियोजना को वर्ष 2012-13 में 220 किलोमीटर की दूरी के लिए रु. 1,953 करोड़ की स्वीकृत लागत के साथ स्वीकृत किया गया था. विजयवाड़ा - कोंडपल्ली के बीच 17.5 किलोमीटर की दूरी का सेक्शन पूरा होने वाला है. कोंडपल्ली-एरुपालेम सेक्शन में कार्य और काजीपेट में यार्ड रीमॉडलिंग कार्य तेजी से प्रगति पर हैं. शेष सेक्शनों में भी कार्य की प्रगति अच्छी है.

Øकाजीपेट-बल्हारशाह तीसरी लाइन परियोजना के लिए 550.43 करोड़ रुपये आबंटित. वर्ष 2015-16 में 2,063 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागतके साथ 201 किलोमीटर की दूरी के लिए तीसरी लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई थी. इसमें से राघवपुरम-पोटकपल्ली और विरूर-मानिकगढ़ के बीच 50किलोमीटर का तिहरीकरण और विद्युतीकरण कार्यों को पूरा कर लिया गया है. शेष सेक्शनों में कार्य तेजी से चल रहा है.

Øसिकंदराबाद-महबूबनगर दोहरीकरण और विद्युतीकरण परियोजना के लिए 150करोड़ रुपये आबंटित. वर्ष 2015-16 में 774 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 85 किलोमीटर की दूरी के लिए दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी गई थी. इसमें से, उमदानगर-गोल्लपल्ली के बीच विद्युतीकरण कार्य के साथ-साथ 60 किमी के दोहरीकरण कार्य को पूरा कर लिया गया है, जबकि गोल्लपल्ली-महबूबनगर के बीच 25 किमी की दूरी का कार्य लगभग पूरा होना वाला है.

Øगुत्ती-धर्मवरम दोहरीकरण परियोजना के लिए 100करोड़ रुपए आबंटित. वर्ष 2015-16 में 91 किलोमीटर की दूरी के लिए 714 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी गई थी. इसमें से, गुत्ती-ताटिचेर्ला और जांगलापल्ले-चिगीचेर्ला के बीच 57 किमी दोहरीकरण कार्य को पूरा कर लिया गया है और चालू कर दिया गया है. शेष सेक्शन के 34 किमी दूरी के कार्य की प्रगति तेजी से हो रही है और लगभग पूरा होना वाला है.

Øअकोला-धोन दोहरीकरण परियोजना के लिए 5करोड़ रुपए आबंटित. वर्ष2019-20 में 6,260 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 612 किलोमीटर की दूरी के लिए इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी. दोहरीकरण कार्यों के निष्पादन में परभणी-मुदखेड और मनोहराबाद-महबूबनगर के बीच पहले से स्वीकृत सेक्शन शामिल नहीं हैं. इस परियोजना के विस्तृत प्राक्कलन को रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत किया गया है.

Øबाई-पास लाइनों के निर्माण के लिए 407.47करोड़ रुपए आबंटित, जो आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्णाटक राज्यों के अंतर्गत विजयवाड़ा (19.5 किमी), काजीपेट (10.65 किमी), रेणिगुंटा (9.6 किमी), वाडी (7.6 किमी) और गुत्ती (3.8 किमी) पर हैं. इन बाई-पास लाइनों पर कार्य तेजी से चल रहा है.

  • उपर्युक्त के अलावा दक्षिण मध्य रेलवे, मध्य और पश्चिम रेलवे को कवर करते हुए 473 किमी की दूरी के लिए अकोला-खंडवा-महू-रतलाम के बीच की गेज परिवर्तन परियोजना के लिए 888 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. दमरे पर, अकोला-अकोट के बीच 43 किमी (174 किमी में से) की दूरी के सेक्शन को बड़ी लाइन में परिवर्तित किया गया है.

 

मिशन विद्युतीकरण के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 222.63 मार्ग किमी के विद्युतीकरण कार्य को पूरा कर लिया गया है. चालू वर्ष के लिए बजट आबंटन 791 करोड़ रुपये है, जो 2021-22 के आबंटन 617 करोड़ रुपये की तुलना में 28% अधिक है. सेक्शन-वार आबंटन का विवरण इस प्रकार हैं –

 

Øमनमाड-मुदखेड-धोन सेक्शन के विद्युतीकरण कार्य के लिए 229 करोड़ रुपये आबंटित.783 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2015-16 के दौरान 865 करोड़ रुपये लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी. इस कार्य के लिए उमदानगर-महबूबनगर सेक्शन को छोड़ते हुए संशोधित प्राक्कलन तैयार किया गया है और 902 करोड़ रुपए के लिए स्वीकृति दी गई है.

Øधर्मवरम-पाकाला सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए 131 करोड़ रुपये आबंटित. 228 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 253 करोड़ रुपये लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी. धर्मवरम -कदिरी के बीच 67 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन का विद्युतीकरण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है.

Øपिंपलखुटी-मुधकेड़ और परभणी-परली वैजनाथ सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए 129 करोड़ रुपये आबंटित.246 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 325 करोड़ रुपये लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी. पिंपलखुटी-कोसाई के बीच 44 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन का विद्युतीकरण पहले ही पूरा हो चुका है.

Øपरली वैजनाथ-विकाराबाद सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए 109 करोड़ रुपये आबंटित.269 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 312 करोड़ रुपये लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी. विकाराबाद-खानापुर के बीच 105 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है.

Øपूर्णा-अकोला सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए 103 करोड़ रुपये आबंटित.209 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 277 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी. अकोला-लोहागड के बीच 35 किलोमीटर की दूरी के सेक्शन का विद्युतीकरण पहले ही पूरा हो चुका है.

Øनंद्याल-येर्रगुंटला सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए 51 करोड़ रुपये आबंटित.123 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 135 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी.

 

Øलिंगमपेट जगित्यल-निजामाबाद के विद्युतीकरण के लिए 39 करोड़ रुपये आबंटित. 95 किलोमीटर के इस विद्युतीकरण कार्य को वर्ष 2017-18 के दौरान 97 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई थी.

 

पूरे जोन के अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए दिए गए आबंटनों का विवरण इस प्रकार हैं –

Øदक्षिण मध्य रेलवे पर स्टेशन विकास कार्यों के लिए 325 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है.

Øकाजीपेट में पीओएच कारखाना के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई है.

Øचर्लपल्ली स्टेशन पर सैटेलाइट टर्मिनल के विकास के लिए 70 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.

Øकर्नूल में मिडलाइफ़ पुनर्वास फैक्टरी के लिए 58 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.

Øतिरुपति रेलवे स्टेशन पर साउथ साइड एंट्री के विकास के लिए 3 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.

Øतिरुचानूर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 65 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.

Øउमदानगर-तिम्मापुर स्टेशनों के बीच नए क्रासिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं.

 

कठिन समय के बावजूद, दक्षिण मध्य रेलवे पर चल रही परियोजनाओं के निष्पादन के लिए पर्याप्त बजट का आबंटन किया गया है. राज्य-वार आबंटन इस प्रकार है:

 

Øतेलंगाना राज्य में पूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए वर्ष 2022-23 में कुल बजट आबंटन 3,048 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2021-22 के 2,420 करोड़ रुपये की तुलना में 26% अधिक है. पिछले कुछ बजटों में तेलंगाना राज्य के लिए निधियों के आबंटन में लगातार वृद्धि हुई है. चालू वर्ष का आबंटन वर्ष 2014-20 के दौरान किए गए औसत आबंटन का लगभग तीन गुना है.

Øआंध्र प्रदेश राज्य मेंपूर्णतः/आंशिक रूप से आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए वर्ष 2022-23 में कुल बजट आबंटन 7,032 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2021-22 के 5,812 करोड़ रुपये की तुलना में 21% अधिक है. आन्ध्र प्रदेश के बजट आबंटनों में भी निरंतर वृद्धि देखी जा रही है और चालू वर्ष का आबंटन 2014-20 के दौरान किए गए औसत आबंटन का लगभग 2.5गुना है.

 





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