Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

नागरिक चार्टर

रेलगाड़ियां तथा समय

यात्री सेवाएं / भाड़ा जानकारी

सार्वजनिक सूचना

निविदाएं

हमसे संपर्क करें

कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व
स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत
मुख्यालय
हैदराबाद मंडल
सिकंदराबाद डिवीजन
गुंतकल मंडल
गुंटूर मंडल
नांदेड़ मंडल
विजयवाड़ा मंडल
प्रेस विज्ञप्ति
बिल स्थिति
आवेदन और बिल की स्थिति
महत्वपूर्ण सूचनाएं
परिणाम और अधिसूचना
सर्वेक्षण और निर्माण
रेलवे कर्मचारियों के लिए
विक्रेताओं के लिए पंजीकरण पालसी
अन्य जानकारियां
वेंडरों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
डाउनलोड
प्रक्रिया और आवेदन पत्र
खेल कोटे के तहत नियुक्ति
स्काउट एवं गाइड कोटा के तहत नियुक्ति
Appointment under Scouts & Guides Quota
सांस्कृतिक कोटा के तहत नियुक्ति
चिकित्सा विभाग
विलंब शुल्क और घाट - भाड़ा की माफी
वाणिज्यिक शाखा
व्यय ठेके के लिए ठेकेदारों / आपूर्तिकर्ता / विक्रेताओं के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देश एवं निर्देश
मुख्य चिकित्सा निदेशक कार्यालय, दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद में मेडिकल फार्मास्युटिकल कंपनियों का पंजीकरण
दक्षिण मध्य रेलवे के साथ स्वास्थ्य देखभाल के लिए निजी अस्पतालों का पंजीकरण
शिकायत दर्ज करें
गाड़ी दुर्घटना के बारे में जन सूचना
गाड़ी दुर्घटना जांच रिपोर्ट
गाड़ी दुर्घटना जांच रिपोर्ट
पुरानी सूचनाएं
 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
   

SOUTH CENTRAL RAILWAY
PRESS RELEASE
PUBLIC RELATIONS OFFICE, SECUNDERABAD - 500 071
No.361/2022-2314-07-2022
Secunderabad
बिसुगिरशरीफ और उप्पल के बीच विद्युतीकरण के साथ तीसरी लाइन आरंभ



- काजीपेट- बल्हारशाह तिहरीकरण और विद्युतीकरण परियोजना का हिस्सा

दक्षिणमध्यरेलवेनेबिसुगिरशरीफऔरउप्पलकेबीच20 किलोमीटरकीदूरीके विद्युतीकरणकार्यसमेततीसरीलाइनकाकार्यपूराकरलियाहै.काजीपेट - बल्हारशाहतिहरीकरणऔरविद्युतीकरणपरियोजनाकेहिस्सेकेरूपमेंइसहिस्सेकोपूराकियागयाहै, जोतेलंगानाक्षेत्रकीमहत्वपूर्णपरियोजनाओंमेंसेएकहै. काजीपेट - बल्हारशाहकेबीचकायहसेक्शन, देशकेदक्षिणीक्षेत्रकोउत्तरीभागोंसेजोड़नेवालेग्रांडट्रंकरूटपरस्थितएकमहत्वपूर्णरेललिंकहै. इसकेसाथ, काजीपेट-बल्हारशाहसेक्शनमेंअबविद्युतीकरणयुक्तकुल104 किलोमीटरलंबीतीसरीलाइनउपलब्धहै.

दमरेपरस्थितकाजीपेट-बल्हारशाहकेबीचकासेक्शनतेलंगानाऔरमहाराष्ट्रदोनोंराज्योंमेंपड़ताहै. ग्रांडट्रंकमार्गकेअंतर्गतआनेवालीइसमेनलाइनपरयात्रीऔरमालयातायातदोनोंमेंनिरंतरबढोत्तरीदेखीजारहीहै, जिससेइससेक्शनमेंअधिकभीड़होरहीहै. इसमहत्वपूर्णसेक्सनमेंभीड़कोकमकरनेकेलिए, आरंभमेंराघवपुरम-मंदमारीकेबीच33 किलोमीटरकीदूरीकेलिएतिहरीकरणकार्यकोवर्ष2016 मेंपूराकरलियागयाहै. यातायातकोऔरसुगमबनानेहेतुकाजीपेट-बल्हारशाहसेक्शनकेशेषभागमें202 किलोमीटर (तेलंगाना-159 किलोमीटरऔरमहाराष्ट्र-43 किलोमीटर) केतिहरीकरणऔरविद्युतीकरणकार्योंकेलिएवर्ष2015-16 में 2,063 करोड़रुपयेकीअनुमानितलागतसेस्वीकृतिदीगईथी. इसकेअंतर्गत, पोटकपल्ली-राघवपुरमकेबीच32 किलोमीटरऔरविरूर-मानिकगढ़केबीच19 किलोमीटरपहलेहीपूराहोचुकाहै.

इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए अबतेलंगाना राज्य में पड़ने वाले 159 किलोमीटरों में से, बिसुगिरशरीफ - उप्पल के बीच 20 किमी दूरी के लिए तीसरी लाइन कार्य पूरा हो गए हैं, जो करीमनगर और वरंगल जिलों के अंतर्गत है. इस हिस्से की तीसरी लाइन के आरंभ होने से ग्रांड ट्रंक रूट पर माल और यात्री गाड़ियां दोनों के लिए भीड़भाड़ कम हो जाएगी.

श्री अरुण कुमार जैन, प्रभारी महाप्रबंधक, दक्षिण मध्य रेलवे ने सिकंदराबाद मंडल और निर्माण संगठन दोनों के समूटे टीम को बधाई दी, जिन्होंने तिहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया है. उन्होंने कहा कि काजीपेट-बल्हारशाह तिहरीकरण परियोजना के पूरा होने से अत्यधिक भीड़-भाड़ंवाले इस मार्ग में भीड़ कम होगा और माल व यात्री गाड़ियों को प्रभावी ढंग से चलाने की सुविधा होगी. संपूर्ण परियोजना की तीसरी लाइन कार्यों का निष्पादन विभिन्न सेक्शनों में एक साथ किया जा रहा है और शेष हिस्सों में कार्य पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं.





  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.