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वाणिज्य शाखा


हमारा परिचय

गुंतकलमंडलका गठन 10 अक्तूबर 1956 को दक्षिण रेलवे में हुआ और 2 अक्तूबर 1977 से दक्षिण मध्य रेलवे का हिस्सा बना. गुंतकल मंडल ने 63 वर्षों की अपनी सेवा में क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए प्रेरणात्‍मक भूमिका निभाई है जिसमें परिचालन के सभी पहलुओं को शामिल करने के लिए आधुनिकीकरण और सुधार की निरंतर प्रक्रिया आरंभ की है और इस प्रक्रिया में जनता की अपेक्षाओं की परिपूर्ण करने में सफलता हासिल की.

जनता की मांग के अनुसार इस मंडल ने प्रौद्योगिकी का उन्नयन किया और दोनों यात्री औरमाल यातायात में सुधार किया है.

 

गुंतकलमंडलपर 8 मुख्य सीमेंट संयंत्र हैं और दक्षिण भारत के सीमेंट की अधिकतर आवश्यकताओं को पूरा करते हैं.

 

यह मंडल इस्पात संयंत्र और ओएनजीसी के लिए डोलोमाइट, चूना पत्थर, बेराइट्स और बेराइट्स पाउडर जैसे कच्चे माल का परिवहन कर रहा है.इसके अलावा यह मंडल आप्रजेनको/मुद्दनूर, कर्नाटक पावर कार्पोरेशन/रायचूर और येरमरास थर्मल पावर स्टेशन साइडिंग/येरमरास जैसे 3 मुख्य विद्युत संयोजनों की आवश्यकता की पूर्ति करता है.

 

गुंतकल मंडलहर वर्ष सभी क्षेत्रों में सतत रूप से बेहतर कार्य निष्पादन कर रहा है. आरंभिक यात्रीगाड़ियों की संख्या, यात्री अर्जन, आरंभिक माल यातायात में हर वर्ष लगातार सुधार हुआ है.

 

ग्राहक संतुष्टि को हासिल करने और निरंतर सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास में दक्षिण मध्य रेलवे/गुंतकल मंडल ने यात्रियों की मांग की पूर्ति के लिए कई उपाय किये हैं जिसमें 24 सवारी डिब्बों वाली गाडी की शुरुआत की गई. अनिवार्यता के आधार पर यात्रियों की मांग पूरी करने के लिए आवश्यकतानुसार सवारी डिब्बों को बढ़ा दिया गया.

गुंतकल मंडल पर स्टेशनों में कंप्यूटरीकृत आरक्षण टिकटों की प्रक्रिया 12 स्वतंत्र पीआरएस स्थानों,32 यूनिफाइड स्थानों (यूटीएस सह पीआरएस),2 गैर-रेल शीर्ष स्थानों, 3 डाकघरों और3 यात्री टिकट सुविधा केंद्रों (वाईटीएसके) में विस्तारितहै. ऐसे 133 स्थानों पर, जहाँ 200 कि.मी और उससे बढकर के लिए 3 दिन पहले अग्रिम अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली में टिकट खरीदी जा सकती है, यात्री प्रचालितई टिकट(पीओईटी) और विश्वव्यापी पूछताछ संख्या 139 की शुरुआत कर यात्री पूछताछ प्रणाली को सुदृढ किया गया .राष्ट्रीय गाडी पूछताछ प्रणाली को शुरु किया गया है जिसमें सभी भारतीय रेल नेटवर्क पर गाडियों के संचलनों की सूचना दी

जा सकती है. यात्रा कर रहे यात्रियों की शिकायतों/सुझावों को प्राप्त करने के लिए 138विश्वव्यापी नंबर की भी शुरुआत की गई ताकि यात्रियों की शिकायतों को तत्समय हल की जा सके.

 

गाडी सेवाओं के समयपालन को बनाए रखने के लिए सुदृढ प्रयास किये गये हैं.फिलहाल 98के समयपालन को बनाया रखा गया है और हम 100%के समयपालन को हासिल करने की प्रयास जारी हैं.

 

अनंतपुर,रेनिगुंटा,गुंतकल और चित्‍तूर स्‍टेशनों को आदर्श स्‍टेशनों के रुप में परिवर्तित किया गया है.

 

यात्री सुख-सुविधाओं में सुधार में बढोत्तरी लाने, प्राथमिकता दी जारही है जिसमें विभिन्न कार्य जैसे स्टेशन भवनों का पुनःनिर्माण/नवीकरण, प्लैटफार्मों पर छत की व्यवस्था, उपरी पैदल पुल का निर्माण, एस्कलेटर (तिरुपति एवं गुंतकल), तिरुपति, रेनिगुंटा, अनंतपुर, कड़पा एवं गुंतकल में यात्रियों के लिए लिफ्ट का प्रावधान किया गया. प्रतीक्षालयों का सुधार, दिव्‍यांग यात्रियों के लिए रैंप की व्यवस्था, सुविधाजनक शौचालयों की व्यवस्था, परिसर क्षेत्र का सुधार, नवीकृत विश्रामालयों जैसे कार्य निरंतर किये जा रहे हैं.

यात्राकरनेवाले यात्रियों को उत्कृष्ट व्यापार तथा आतिथ्य की अभिनव पद्धतियों को अपनाते हुए स्वच्छ, गुणवत्ता युक्त सटीक दर पर खरीदने योग्य आहार की व्यवस्था करने के लिए रेलवे कटीबद्ध हैऔर यह धारणा बन गई है कि अल्पतम संसाधनयुक्त निचले तके यात्री से लेकर संपन्न तक को सामाजिक सामरस्य भाव से जिम्मेवारी के तहत खानपान की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस उद्देश्य के लिए इस मंडल पर 124 खानपान की यूनिटें स्थापित की गयी हैं.

23 अगस्त 2016 को येर्रगुंटला से नंद्याल सेक्‍शन के बीचप्रोद्दटूर,जम्‍मलमडुगु, एस.उप्‍पलपाडु, नोस्‍सम, संजामला, कोयलकुंटला और बनगानपल्‍ले स्‍टेशनों को जोडते हुए 123 कि.मी. की न रेलवे लाइन आरंभ की गयी. इस सेक्शन में दो जोडी डेमु गाडी सेवा संचालित की जा रही है.

हम, सभी रेल उपयोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं.





Source : दक्षिण मध्‍य रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 22-10-2020  


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