सिग्नल और दूरसंचार विभाग
भूमिका
सिग्नल और दूरसंचार विभाग सिग्नलिंग और कंट्रोल कम्यूनिकेशन सिस्टम
को 24x7 उपलब्धकराकरट्रैक, रोलिंग स् टॉक(कोच और वैगन), लोकोमोटिव और
मैनपावर के उत्पादक उपयोग और अधिकतम स्वीकृत गति से ट्रेनों को
सुरक्षित और समय पर चलानेमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभाग
स्टेशनों पर निगरानी और ऑडियो- विजुअल यात्री सूचना प्रणाली
प्रदान करके यात्रियों की सुरक्षा और संतुष्टि में योगदान देता है।
सिग्नलिंग और दूरसंचार के क्षेत्र में विस्तृत भूमिका निम्नानुसार है।
सिग्नलिंग
A.सुरक्षित और समयनिष्ठ ट्रेन चलाने के लिए स्टेशनों पर और स्टेशनों
के बीच ट्रेन संचलन नियंत्रण प्रणाली का प्रावधान और रखरखाव।
B.लाइन क्षमता का इष्टतम उपयोग
दूरसंचार
A). यात्रीसूचना प्रणाली (ट्रेन औरकोचसूचना बोर्डऔरसार्व
बोधनऔरघोषणाप्रणाली) का प्रावधान और रखरखाव।
B).रेलवे परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा को सक्षम करने के
लिए स्टेशन, टिकट काउंटरों और आरक्षण काउंटरों पर वीडियो
निगरानी प्रणाली का प्रावधान और रखरखाव।
C.दूरसंचार अवसंरचना का प्रावधान और रखरखाव:
I.कार्यालयों और कार्यकेंद्रोंकेबीच आवाज और डेटासंचार
II.ड्राइवर, गार्ड और स्टेशन मास्टर वायरले ससंचा
III.उपग्रह के माध्यम से दुर्घटना स्थलसंचार
IV.यात्री आर क्षण प्रणाली (पीआरएस)
V.अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस)
VI.माल परिचालन सूचनाप्रणाली (एफओआईएस)
VII.रेलवेकॉरपोरेटवाइडइंफॉर्मेशनसिस्टम (रेलनेट) काप्रबंधन
VIII.स्टेशनों पर वाई-फाई के जरिए फ्री इंटरनेट
सिगनल व दूरसंचार विभाग - संगठन
तीन सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सहित सिग्नलऔर दूरसंचारअधिकारियोंकी एक वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर / हैदराबाद केतहत डिवीजनमेंस्थापना और संरक्षण की देखभाल करतीहै।
