Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

नागरिक चार्टर

रेलगाड़ियां तथा समय

यात्री सेवाएं / भाड़ा जानकारी

सार्वजनिक सूचना

निविदाएं

हमसे संपर्क करें

ट्विटर पर गुंतकल
डिविशनल मैप
ट्विटर पर गुंटकाल डिवीजन
हमारे बारे में
फोटो गैलरी
स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत
विभाग
टेलीफ़ोन निर्देशिका
मार्ग नक्शा
हमसे संपर्क करें
आर टी आई सूचना
संचालन
सामान्य प्रशासन
सुरक्षा
राजभाषा
लेखा
वाणिज्य
संरक्षा
विद्युत
इंजीनियरिंग
कार्मिक
सिग्नल और दूरसंचार
सवारी व मालडिब्बा
चिकित्सा
सार्वजनिक सूचना
सार्वजनिक सूचना


 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS

भंडार विभाग

 

मंडल में सामग्री विभाग के प्रमुख मंडल सामग्री प्रबंधक हैं.

मंसाप्र/गुंतकल के अधीन मंडल भंडार विभाग के मुख्य कार्यकलाप निम्नप्रकार हैं :

  1. गैर-स्टाक मदों की अधिप्राप्ति
  2. रद्दी की बिक्री और निपटारा
  3. अर्हक रेल कर्मचारियों को वर्दी की सप्लाई

 

मंसाप्र के अधीन विभिन्न अनुभागों में किए जानेवाले विविध कार्यकलाप

(ए) स्थानीय क्रय अनुभाग

यह सेक्शन गैर-स्टाक सामग्री की अधिप्राप्ति के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त गैर-स्टाक मांग-पत्रों के निपटारा के लिए जिम्मेदार है.विभागों से प्राप्त मांग-पत्रों की सबसे पहले पुनरीक्षा की जाती है.उन मांग-पत्रें, जो सभी पहलुओं में ठीक हैं को फर्मों के अनुमोदित पैनल के साथ सामान्य रूप से निविदा बुलेटिन के जरिए और संरक्षा मदों के लिए सीमित निविदा द्वारा कार्रवाई करने के लिए दर्ज किया जाएगा. छोटी-मोटी मूल्य वाली मदें और जरुरू मदों के लिए निविदाएं वर्तमान कार्यविधियों के अनुसार बुलाए जाएंगे. चालू अनुदेशों को ध्यान में रखते हुए प्राप्त कोटेशनों की जांच की जाएगी.सारणीयन पत्र तैयार किए जाएंगे और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे.सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद, परेषिती को सामग्री सीधा सप्लाई करने के लिए आपूर्तीकर्ता को क्रय आदेश जारी किए जाएंगे.

संबंधित मदों के लिए दर ठेका रखनेवाले फर्मों के लिए डीजीएस एंड डी दर ठेका के अनुसार ऑन लाइन सप्लाई आदेश जारी करने के लिए भी यह अनुभाग जिम्मेदार है.

वर्ष 2011-12 के दौरान, 4.56 करोड रुपए मूल्य के कुल 1225 क्रय आदेशों को गैर-स्टाक मदों की अधिप्राप्ति के लिए रिलीज किया गया.

(ख) क्रय अनुभाग

यह अनुभाग मुख्य रूप से रेलपथ रद्दी, संयुक्त निरीक्षण, ढेर की सूचना, नीलामी आयोजन तथा रद्दी की सुपुर्दगी जैसे रिलीज पटरियां, एमएस रद्दी, सीआई रद्दी, गर्डरें, सवारी डिब्बे/माल डिब्बे, एसटी स्लीपर आदि, जो मंडल में विभिन्न यूनिटों में उपलब्ध है, का संबंधित संरक्षक के समन्वयन से सर्वेक्षण पत्रों के अनुपालन के लिए जिम्मेदार है.नीलामी के दौरान जैसे ही रद्दी की बिक्री होती है, तो भुगतान के संबंध में सभी अनुदेशों को सुनिश्चित करने के उपरांत क्रेता के नाम सुपुर्दगी आदेश जारी किया जाएगा.यह अनुभाग विभिन्न विभागों के समन्यवन से क्रेता को विक्रय सामग्री की सुपुर्दगी करने की व्यवस्था भी करेगा.

वर्ष 2011-12 के दौरान, कुल विक्रय रद्दी 16,199 मि.ट रही और 51.5 करोड रुपए का विक्रय मूल्य हासिल किया गया.

वर्दी सेल :

यह अनुभाग मंडल में सभी विभागों के पात्र कर्मचारियों को वर्दी सप्लाई करने के लिए जिम्मेदार है.वर्दी सप्लाई करने के लिए फील्ड यूनिटों से पात्र कर्मचारियों का विवरण इकट्टा किया जाएगा और उनकी मांग की गणना की जाएगी.मांग-पत्रों का लेखा द्वारा विधिवत्त विधीक्षा होने पर उप.मुख्य सामग्री प्रबंधक/एमएफटी को भेजा जाएगा.यह सप्लाई, जिसमें विभिन्न कोटि के कर्मचारियों के लिए लागू विभिन्न रंग, गुणवत्ता आदि सामग्री शामिल है, को संग्रहित कर, लेखा-जोखा कर प्रत्येक यूनिटों को वितरित किया जाएगा.

        वर्ष 2011-12 के दौरान, एमएफटी से बायलट सूटों के लिए 11112 मीटर का कपडा तथा वर्दी के लिए 73368.70 मीटर इकट्टा किया गया और कर्मचारियों को सप्लाई किया गया.

 

                                                                                                मंडल सामग्री प्रबंधक




Source : दक्षिण मध्‍य रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 17-07-2017  


  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.