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AKGupta/DRM/SC

अभय कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक


श्री अभय कुमार गुप्ता ने दिनांक 01-01-2021 को मंडल रेल प्रबंधक, सिकंदराबाद मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे के रूप में कार्यभार ग्रहण किया.


आपने वर्ष 1988 में, HBTI/कानपुर से सिविल इंजीनियरी में स्नातक कीपढ़ाई की तथा आप प्रतिष्ठित भारतीय रेल इंजीनियर सेवा (आईआरएसई) के 1989 बैच के अधिकारी हैं. आपने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं, जैसे वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/सम./इलाहाबाद, उप मुख्य इंजीनियर/ निर्माण, महाप्रबंधक/ उत्तर मध्य रेलवे/ इलाहाबाद के सचिव, अपर मंडल रेल प्रबंधक/ जोधपुर, इरिसेन /पुणे एवंमुख्य इंजीनियर, निर्माण संगठन, दक्षिण पूर्व रेलवे, पूर्वी तट रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे तथा उत्तर पश्चिम रेलवे.


आपने प्रतिष्ठित रेल संस्थानों NAIR/वडोदरा एवं इरिसेन/पुणे, ISB/हैदराबाद,INSEAD/सिंगापुर तथा ICLIF/मलेशिया में प्रशिक्षण प्राप्त किया है और आपको डबलिंग/तीसरी लाइन आदि की मेगापरियोजनाओं के प्रबंधन का व्यापक अनुभव है.

                                                                                                                  

              डी.सुब्रह्मण्यम, अमंरेप्र (अवसंरचना)                                                                         बी.रविचंदर, अमंरेप्र(सामान्य)

  

 



                                                               

पी.बी.एस.राथीर , अमंरेप्र (परिचालन)

सिकंदराबाद मंडल का गठन बड़ी लाइन तथा मीटर लाइन प्रणाली सहित 2 अक्तूबर 1966 को हुआ. बाद में 17 नवंबर 1977 को मीटर लाइन वाले हिस्से को हैदराबाद मंडल के रूप में विभाजित किया गया. सिकंदराबाद मंडल तीन राज्यों अर्थात आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की सेवा करता है. इसमें 1311.06 मार्ग किलोमीटर हैं जिनमें से 1006.42 कि.मी आंध्र प्रदेश में, 179.37 कि.मी महाराष्ट्र में तथा 125.27 कि.मी कर्नाटक में है. 1311.06 मार्ग कि.मी में से 825.33 कि.मी विद्युतीकृत है. इसमें कुल 150 स्टेशन हैं जिनमें से 118 स्टेशन आंध्र प्रदेश,22 स्टेशन महाराष्ट्र तथा 10 कर्नाटक में स्थित हैं.

सिकंदराबाद मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण मंडल है और भारतीय रेल पर पांचवा प्रमुख मंडल है. वर्तमान सिकंदराबाद मंडल का मूल निज़ाम राज्य रेलवे से है जो 1869 में स्थापित किया गया था. वाड़ी-सिकंदराबाद लाइन का निर्माण निज़ाम की वित्त सहायता से किया गया जो निज़ाम गारंटीड राज्य रेलवे का हिस्सा बन गया. 1886 में उसका विस्तार वरंगल तक किया गया.

मंडल ने वर्ष 2010-11 के दौरान 62 मिलियन टन मालभाड़ा तथा 113 मिलियन यात्रियों का वहन किया.यूं कहें तो मूल लदान में मंडल का योगदान 64% रहा. वर्ष 2010-11 के दौरान मंडल का सकल अर्जन 3653 करोड़ रहा. 22,178 कर्मचारियों का समर्पित कार्य बल और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र इन तीन राज्यों के 1311 मार्ग किलोमीटर का क्षेत्राधिकार तथा 3653 करोड़ के अर्जन से सिकंदराबाद मंडल की स्थिति न केवल दक्षिण मध्य रेलवे में बल्कि भारतीय रेलों पर भी महत्वूपर्ण साबित होती है.

चालू वर्ष में जून, 2012 (12-13) के अंत तक मंडल ने 32.14 मिलयन यात्री तथा 17.48 मिलियन टन माल का वहन किया, सकल अर्जन रु.1264.02 करोड़ रहा.

विशाल लक्ष्यों को निर्धारित करने और पूरे समर्पण के साथ उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मंडल ने कई नवीन प्रणालियों , तकनीकीअनुप्रयोगों , उत्कृष्ट प्रबंधन पद्धतियों तथा ग्राहकों/यात्रियों व रेल कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई योजनाओं को आरंभ किया.







Source : दक्षिण मध्‍य रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 17-06-2021  


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