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विद्युत लोको होल्डिंग

विद्युत लोको शेड/विजयवाड़ा का इतिहास

 

Øइलेक्ट्रिक लोको शेड, विजयवाड़ा का निर्माण विजयवाड़ा-मद्रास विद्युतीकरण परियोजना के एक भाग के रूप में किया गया था, जिसमें 100 लोको की शुरूआती लागत रु. 2.40 करोड़, क्षेत्रफल : 128800 वर्ग मीटर, आच्छादित क्षेत्र : 9504 वर्ग मीटर (1981-82)। 12 अप्रैल 1981 को तत्कालीन माननीय रेल राज्यमंत्री श्री एम.मल्लिकार्जुन द्वारा औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया था।.

Ø07/03/1980 :लोको नं. 21217 (डब्ल्यूएएम-4) सीएलडब्ल्यू/सीआरजे से प्राप्त हुआ था, जो पहली बार विद्युत लोकोशेड/विजयवाड़ा को प्राप्त हुआ था.

Ø18/03/1981 : लोको संख्या 21270 के साथ मद्रास-विजयवाड़ा के बीच 21 डिब्बों वाली सुपरफास्ट ट्रेन के लिए पहली ट्रेल चली।

Ø11/3/1981 : प्रथमए.सी लोको नं. 20710 (डब्ल्यूएजी-1) बीआईडीएचएएन, जो सीएलडब्ल्यू से शुरू किया गया था, इसे 15.12.1998 को सेवा से हटा लिया गया और इसे राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, नई दिल्ली में रखा गया है।

Ø1988-89 में दो डब्ल्यूएजी4 लोको सीएलडब्ल्यूए से प्राप्त हुए.

Ø11/10/1985 : बीआईए से प्राप्त लोको नं. 20441 (डब्ल्यूएजी-5)को भी शामिल किया गया.

Ø25/10/2010: लालागुडा से प्राप्त लोको नं. 7336 (डब्ल्यूएजी-7) को भी शामिल किया गया था..

Øवर्ष 1997 में रेल कार्निवेल में व रेल मेला 1999 में बेस्ट स्टाल पुरस्कारप्राप्त हुए.

Ø2004-05, भारतीय रेल में सबसे अच्छा शेड पुरस्कार मिला

Ø14/07/2006: जत जयंती मनाई और तत्कालीन एमएल/आरबी श्री रमेश चंद्र ने समारोह में भाग लिया

Ø22/01/2010: विद्युत लोको शेड/विजयवाड़ाको विद्युत लोको शेड/विजयवाड़ामें सीईएलईके सम्मेलन के आयोजन का दुर्लभ विशेषाधिकार प्राप्त हुआ। श्री कुलभूषण, तत्कालीन सलाहकार लोको/रेलवे बोर्ड ने सम्मेलन का नेतृत्व किया है और सभी क्षेत्रीय रेलवे के सीईएलई ने इसमें भाग लिया है।

Øजनवरी. 2012: 208 का विद्युत लोको शेड/विजयवाड़ाद्वारा निर्वाहण किया गया, जो भारतीय रेल में उस समय सबसे अधिक रहा.

Ø2020भारतीय रेलमें इंजनों में डब्ल्यूएपी-4 की पहली बार एमयूपेयरिंग अगस्त -2020 में की गई थी.


                                                             गतिविधियां

इलेक्ट्रिक लोको शेड, विजयवाड़ा इलेक्ट्रिक इंजनों के लिए 'रखरखाव और मरम्मत' सुविधा में शामिल है। यह दक्षिण मध्य रेलवे के विजयवाड़ा मंडल के अधिकार क्षेत्र में स्थित है।  

निम्नलिखित गतिविधियों को अंजाम देकर लोकोमोटिव के सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन को सुनिश्चित करने के लिए WAP4, WAG5 और WAG7 का रखरखावकिया जाता है.

निवारक रखरखाव अनुसूची, जिसमें       

बड़े अनुसूची: एओएच, टीओएच व आईओएच शामिल

छोटे अनुसूची:आईए, आईबी व आईसी ब्रेकडाउन रख-रखाव अनुसूची शामिल

(i)इलेक्ट्रिक लोको शेड, विजयवाड़ा के आसपास चल रहे ईएलएस/विजयवाड़ा और अन्य होमिंग शेड के इंजनों की मरम्मत। लोकोमोटिव अनुरक्षण शेड के अलावा विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंतकल मंडल की ओएचई टावर कारों के एओएच, आईओएच जैसे प्रमुख कार्यक्रम भी पूरा करता है।







Source : दक्षिण मध्‍य रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 15-06-2021  


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