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QUICK LINKS

 

सिगनल व दूरसंचार विभाग की भूमिका

*    गाड़ी संचालन में संरक्षा

*    गाड़ी चालन में समयपालन

*    लाइन क्षमता की अधिकतम उपयोगिता

*    यात्री सुविधाएं

*    विशिष्ट सिगनलिंग मदों का  निर्माण

*    निम्नलिखित के लिए दूरसंचार अरंचना उपलब्ध कराना

    -  गाडियों का सुरक्षित और दक्ष परिचालन

    -  प्रशासनिक ध्वनिऔर डाटा परिपथ

    -  यात्री आरक्षण प्रणाली डाटा परिपथ

    अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस)

    -  माल परिचालन सूचना प्रणाली (एफओआईएस)

    -  कर्मीदल प्रबंधन प्रणाली  (सीएमएस)

    -  कोचिंग परिचालन सूचना प्रणाली (सीओआईएस)

    -  प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस)

गाड़ी परिचालन में सुरक्षा के तत्‍व

रेलपथ परिपथन

रेलपथ परिपथनसिगनलिंग प्रणाली में प्रयोग किया जाने वाला प्राथमिक संरक्षा उपकरण हे । यह रेलपथ सेक्शन की अवरुद्धता कीमॉनीटरिंग करता है और यदि किसी गाड़ी द्वारा रेलपथ अवरुद्ध होता हो तोअवरुद्ध सेक्शन में सिगनल क्लियरेंस होने से रोकता है । यह एक ऐसा उपकरण हैजो खराबी में भी संरक्षा सुनिश्चित करता है और सिगनलों को खतरे की स्थिति में‍क्‍लियर होने से रोकता है ।

धुरा काउंटर

यह रेलपथ सेक्शन में गाड़ी की उपस्थिति का पता लगाने वाला एक अन्य महत्वपूर्ण संरक्षा उपकरण है । यह उपकरण रेलपथ सेक्शन में प्रवेश  करने और सेक्शन से बाहर निकलने वाली धुराओं की गिनती करता है और संबद्द सिगनलों को नियंत्रित करता है ।

ब्लॉक संचालन

यह किन्हीं दो निकटतम स्टेशनों के बीच ब्लॉक सेक्शन कहलाने वाले सेक्शन में गाड़ी के प्रवेश और प्रस्थान को नियंत्रित करता है । यह दो अनुगामी गाड़ियों के बीच अंतर को बनाए रखता है । यह, जब तक पहलीगाड़ी सेक्शन से बाहर नहीं चली जाती तब तक स्टेशनों के बीच स्थित सेक्शन मेंदूसरी गाड़ी को प्रवेश करने से रोककर सुरक्षा सुनिश्चित करता है ।

 

           दोहरी लाइन ब्लॉक उपकरण           इकहरी लाइन टोकन रहित ब्लॉक उपकरण   

ड्राइवर और गार्ड के बीच संचार व्यवस्था

गाड़ी को बेहतर रुप से नियंत्रित करने में सहयोग की दृष्टि से ड्राइवर और गार्ड के बीच वायर लैस संचार प्रणाली की व्यवस्था की गई है ।






अंतर्पाशन

अंतर्पाशन एक ऐसा यंत्र हैजो सिगनल क्लियर करने से पहले उस मार्ग की जांच करता हैजिसपर से गाड़ी गुजरने वाली है और यदि गाड़ी का  वहां से गुजरना असुरक्षित हो तो यह सिगनल को क्लियर करने से रोकता है । यह मानवीय भूल-चूक को रोकता है और गाड़ी संचालन में संरक्षा सुनिश्चित करता है   स्टेशन यार्ड के आकार के अनुसा निम्दो प्रकार अंतर्पाशन व्यवस्था प्रचलित है।

पैनल अंतर्पाशन

पैनल अंतर्पाशन छोटे यार्डों के उपयोग के लिए है । यहऐसी सिगनल प्रणाली है जो उच्चतम श्रेणी की संरक्षा सुनिश्चित करती है और मानवीय भूल-चूक के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकती है ।


रुट रिले अंतर्पाशन

रुट रिले अंतर्पाशन ऐसे प्रमुख जंक्शनों और यार्डोंपर उपलब्ध कराया गया हैजहां पर अत्यधिक संख्या में गाड़ियों कासंचालन होता है । यह दक्षिण मध्य रेलवे के चार बड़े जंक्शनों/यार्ड अर्थात विजयवाडाकाजीपे,  सिकंदराबाद एवं डोर्नकल पर उपलब्ध है । 

समपार फाटकों पर संरक्षा

स्टेशन क्षेत्र में सभी समपार फाटकों और प्रखंडो के अन्य महत्वपूर्ण फाटकों पर यातयात  सिगनल द्वारा नियंत्रित किया जाता हैं । इन फाटकों को अंतर्पाशित फाटक कहते हैं और ये सड़क उपभोक्ताओं को पूर्ण संरक्षा प्रदान करते हैं । चौकीदार वाले समपार फाटकों पर टेलीफोन संचार व्यवस्था की उपलब्धता संरक्षा का एक साधन हैजो उपयुक्त समय पर फाटकों को बंद करना और खोलना सुनिश्चित करता है । इस रेलवे पर सभी चौकीदार वाले समपार फाटकों पर नियंत्रस्टेशनों के साथ टेलीफोन संचार व्यवस्था उपलब्ध कराई जा चुकी है ।

 
   विद्युतीकृत रूप से परिचालित            समपार फाटक पर आपात            
          उठान फाटक                      स्लैडिंग बूम व्यवस्था


आधुनिक सिगनल व्‍यवस्‍था प्रणाली
 

कंप्यूटरीकृत/इलेक्‍ट्रानिक अंतर्पाशन
दक्षिण मध्य रेलवे ने कंप्यूटर द्वारा नियंत्रित
अंतर्पाशन के रुप में तकनीक आधुनिक रुप को अपनाया हैजो भारतीय रेलों पर पहली बार हुआ है । इस प्रणाली को पहलीबार विजयवाडा मंडल के कावली स्टेशन पर 10-7-94 को आरंभ किया गया था ।यह संस्थापन के समय को कम करता है और संबंधित परिवर्तनों को कम समय में पूरा कर सकता है ।

    

                   कंप्यूटरीकृत इलेक्ट्रानिक अंतर्पाशन

डिजिटल धुरा काउंटर

दक्षिण मध्‍य रेलवे, डिजिटल धुरा काउंटर उपकरणों की जन्मभूमि रही है। हालही में जर्मनी से आयात किये गये अत्याधुनिक डिजीटल धुरा काउंटर मौलाअली और चर्लापल्ली रेलवे स्टेशनों के बीच लगाये गये है । यह धुरा काउंटर छोटे और अत्यधिक विश्वसनीय है । डिजिटल एक्सल काउंटर पर आधारित ब्लॉक प्रूविंग प्रणाली को देशी तौर पर विकसित डिजिटल एक्सल काउंटर का उपयोग करते हुए विजयवाडा, सिकंदराबाद, नांदेड, गुंटूर और गुंतकल मंडलों पर स्थित ब्लॉक सेक्शनों पर आरंभ किया गया है

    
         ब्लॉक प्रूविंग के लिए इकहरी सेक्शन डिजिटल धुरा काउंटर


 
    ब्लॉक प्रूविंग के लिए उच्च उपलब्धता वाली              मल्टि सेक्शन डिजिटल धुरा काउंटर
       इकहरी सेक्शन डिजिटल धुरा काउंटर


दूसरा दूरस्थ सिगनल

सिगनलों की दृश्यता स्पष्ट दिखाई देने और ड्राइवरों द्वारागाड़ियों को कम समय में विशेष कर जब गाड़ी तेज गति में होनियंत्रित करने के लिए दूसरा दूरस्थ सिगनल अनिवार्य है । यह ड्राइवर के मनोबल को बढ़ाता है औरगाड़ी तीव्र गति में होने पर भी ड्राइवर को गाड़ी नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त समय देता है । इसे दक्षिण मध्य रेलवे के बल्हारशाह - काजीपेट -विजयवाडा - गूडूर,  काजीपेट सिकंदराबाद वाडी - गुंतकल- रेणिगुंटा  सेक्शनों में राजधानी मार्ग पर आरंभकिया गया है ।


मध्यवर्ती ब्लॉक सिगनलिंग
(आईबीएस)

लम्बे ब्लाक प्रखंडो पर आई.बी.एस. की व्यवस्था की गई है । इसका उद्देश्य ब्लॉक सेक्शन को दो भागों में बांटकर लाइन क्षमता को बढ़ाना है ।  थ्रूपुट में सुधार करते हुए स्वचालित सिगनल सेक्शन में दो गाडियां ली जा सकती हैं ।


स्‍वचालित सिगनल व्‍यवस्‍था
 

लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए उपनगरीय और अधिक घनत्‍व यातायात सेक्‍शनों में स्‍वचालित सिगनल व्‍यवस्‍था की गई है इस प्रणाली में लगभग प्रति किलोमीटर की दूरी पर सिगनलों की व्‍यवस्‍था की गई है 


लाइट एमिटिंग डायोड सिगनल
 

सिगनलों की विश्‍वसनीयता और दृश्‍यता बढ़ाने के लिए परंपरागत  ‍फिलमेटं प्रकार की बत्तीयों के स्थान पर लाइट एमिटिंग डायोड (एलईडी) को प्रतिस्‍थापित किया गया है । 
 

डॉटा लॉगर्स 

स्‍टेशनों पर होनेवाले महत्‍वपूर्ण सिगनलिंग और अंतर्पाशन संबंधी कार्यक्रमों की अग्रगामिता निर्धारित करने के लिए माइक्रो प्रोसेसर आधारित (डॉटा लॉगर्स उपकरणों की व्‍यवस्‍था) की गई है रूट रिले अंत:पाशन/पैनल अंत:पाशन/इलेक्‍ट्रानिक्‍स अंत:पाशन की व्‍यवस्‍था वाले स्‍टेशनों पर डाटा लार्गस संस्‍थापित किए गए है डाटा लागर्स से पूर्वोपाय अनुरक्षण तथा सिगनल खराबियों का पता लगाने में सहायता मिलेगी


इंटी
ग्रेटेड पॉवर सप्लाई (आईपीएस)

सिगनलिंग संस्थापनाओं के लिए एस एम पी एस आधारित समेकित पॉवर सप्लाई सिस्टम उपलब्ध कराये गये हैं। इन सिस्टमों को उपलब्ध कराने से सिगनलिंग उप प्रणालीयों के लिए अपेक्षित विभिन्न वोल्टताओं को आई पी एस से प्राप्त किया जा सकता है, अलग अलग बैटरी बैंकोंकी सहायता लेनेकी आवश्यकता नहीं होगी । 



दूर संचार
 

रेलों की विस्‍तृत परिवहन प्रणाली के लिए मूल भूत दूर संचार की सुविधाएं उपलब्‍ध कराने की जिम्‍मेदारी, सिगनल व दूर संचार विभाग की हैरेलों पर उपलब्‍ध करायी गई दूर संचार सुविधाओं को मुख्‍यत: तीन क्षेत्रों में कोटीकृत किया गया है :-

·गाड़ी परिचालन

·रेलवे सूचना प्रोद्योगिकी के लिए डाटा संचार व्‍यवस्‍था अनुप्रयोग

·प्रशासनिक संचार व्‍यवस्‍था

गाड़ी संचालन के लिए दूरसंचार व्यवस्था

यह गाड़ी संचालन के लिए केबल पर आधारित सर्वग्राही दूरसंचार प्रणाली  उपलब्ध करातीहै । सर्वग्राही परिपथ मंडल मुख्यालयों में स्टेशन मास्टरों और नियंत्रण केंद्र के बीच टेलीफोन दूरसंचार व्यवस्था उपलब्ध कराता है । विद्युत कर्षण केलिए अपेक्षित 25 के.वी.ए.सी. पॉवर सप्लाई प्रणाली के रिमोट ऑपरेशन सहित अन्यसहायक गाड़ी संचालन के लिए भी अतिरिक्त सर्वग्राही परिपथ उपलब्ध कराया गया है। चलती हुई गाड़ी के ड्राइवरों और गार्डों के लिए पूरे मार्ग में रेलपथ केकिनारे आपाती दूरसंचार सुविधा उपलब्ध कराई गई हैताकि आपात स्थिति मेंसंबंधित मंडल के मुख्यालयों के कंट्रोल केंद्र से संपर्क किया जा सके ।


 ()अप्‍टिकल फाइबर संचार व्‍यवस्‍था 

आप्‍टिकल फाइबर संचार प्रणाली, रेलवे दूर संचार नेटवर्क का प्रधान अंग है प्रत्‍येक स्‍टेशन पर फाइबर नेट वर्क के साथ 155 एमबीपीएस क्षमता के शॉर्ट-हाल एसटीएम-1 उपस्‍कर लगा दिए गए हैशॉर्ट-हाल एसटीएम-1 नेटवर्क, रेल टेल के लांग – हॉल एसटीएम-4/एसटीएम-16 सेल्‍फ हीलिंग रिंग नेट वर्क से सुरक्षित है  फाइबर नेटवर्क विभिन्‍न अनुप्रयोगों के लिए वाइस  डॉटा एवं मल्‍टी मीडिया सेवाओं से युक्‍त है 


(
डॉटा संचार व्‍यवस्‍था 

डॉटा संचार व्‍यवस्‍था सर्किटों में कंप्‍यूटरीकृत  यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस)अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस), कर्मीदल प्रबंधन प्रणाली (टीएमएस), माल परिचालन सूचना प्रणाली(एफओआईएस), कोच परिचालन सूचना प्रणाली (सीओआईएस), प्रबंधन सूचना प्रणाली  (एमआईएस)  आदि शामिल है और सिगनल और दूर संचार शाखा द्वारा इन-हाउस ई-मेल सुविधाएं भी उपलब्‍ध करायी गई है  



(ग
टेलीफोन एक्‍सचेंज 

रेलों के आंतरिक संचार व्‍यवस्‍था की आवश्यकतों  के लिए विभिन्‍न मंडलों और अन्‍य महत्‍वपूर्ण स्‍थलों पर टेलीफोन एक्‍सचेंज की व्‍यवस्‍था की गई है 

           (iक्‍लोस्ड यूयज़र ग्रुप (सीयूजी)

द.म.रेलवे में अधिकारियों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों के लिए मोबाइल संचार व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध करा दी गई है. हॉल में सभी मंडलों के लोको पायलटों, लोको सह पायलटों और गार्डों को भी सीयूजी मोबाइल फोन उपलब्‍ध करा दिये गये है 

सिगनल और दूर संचार अवसंरचना 

सिगनल व्यवस्था :


i)

पैनल अंतर्पाशन

499 स्टेशन

ii)

रूट रिलेअंतर्पाशन

04 स्टेशन

iii)

इलेक्ट्रानिकअंतर्पाशन

71 स्टेशन

iv)

रंगीन बत्ती सिगनलव्यवस्था

578 स्टेशन

v)

एलईडी सिगनल

578स्टेशन



vi)

डाटा लॉगर

573स्टेशन

vii)

रेलपथ परिपथन

570स्टेशन

viii)

अंतर्पाशित समपार फाटक

876 स्टेशन


दूरसंचार :

i)

ओएफसी नेटवर्क

5456 मार्ग कि.मी.

ii)

केबल नेट वर्क

 

 



 


क्‍वैड केबल

6170 मार्ग कि.मी.

   

 


  

iii)

इलेक्‍ट्रानिक एक्‍सचेंज

107  एक्‍सचेंज  

iv)

25वां वीएचएफ सेट

 

589 ब्‍लॉक स्‍टेशनों पर  

v)

बीएसएनएल टेलीफोन

585 ब्‍लॉक स्‍टेशनों पर  

 

यात्री सुविधाएं




    सिगनल व दूरसंचार विभागयात्री जनता के लाभ के लिए विभिन्न यात्री सुविधाओं की व्यवस्था करता है 

जन संबोधन प्रणाली :- यात्रियों द्वारा अपेक्षित गाड़ियों के आगमन और प्रस्थान और अन्य सूचनाओं की घोषणा करने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर यह प्रणाली उपलब्ध की गई है यह सुविधा रेलों पर 278 स्टेशनों पर उपलब्ध कराई गई है 

गाड़ी आगमन-प्रस्थान सूचना :- गाड़ी का आगमन – प्रस्‍थान सूचना, रेल संपर्क केंद्रीयकृत सेवा 139 पर उपलब्‍ध करा दी गई है 

गाड़ी सूचना बोर्ड :- 112  महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर गाड़ीके समय और प्लेटफार्म नंबर की जानकारी सूचित करने के लिए गाड़ी सूचक बोर्डलगाए गए हैं 

कोच सूचना बोर्ड :-  92 महत्‍वपूर्ण रेलवे स्‍टेशनों के प्‍लैटफार्मो पर गाड़ी के कोच की स्‍थिति का संकेत करते हुए कोच संकेत बोर्डों की व्‍यवस्‍था की गई है 

क्लोज सर्किट टीवी निगरानी प्रणाली:- 42 महत्‍वपूर्ण रेलवे स्‍टेशनों के प्‍लैटफार्मो पर यात्रियों के सुरक्षा के लिए क्लोज सर्किट टीवी निगरानी प्रणाली की व्‍यवस्‍था की गईहै


रेलनेट

रेल नेट अवसंरचना, भारतीय रेलवे के लिए निगमित विस्‍तृत सूचना प्रणाली उपलब्‍ध कराती है  यह नेटवर्क, सभी 16रेलवे जोनों और 6 उत्‍पादन यूनिटों को जोड़ता है दक्षिण मध्‍य रेलवे के सभी 6 मंडल मुख्‍यालयों अर्थात् सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाडा, गुंटूर, गुंतकल और नांदेड को रेल नेट से जोड़ा गया है 

हाल में, प्रधान कार्यालय और मंडलों में उपलब्‍ध लीज्ड लाइन पाइंट-टु-पाइंट वैनलिंक को मेसर्स रेल टेल कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा उपलब्‍ध करायी गई आई पी एम पी एल एस वी पी एन नेटवर्क में बदल दिया गया है यह नेटवर्क, प्रबंधन सूचना प्रणाली, इलेक्‍ट्रानिक डॉटा इंटरचेंज उपलब्‍ध कराता है और रेलों के विभिन्‍न यूनिटों में सूचना का आदान-प्रदान करने की सुविधा उपलब्‍ध कराती है इस नेटवर्क के माध्‍यम से इंटरनेट सेवा उपलब्‍ध करा दी गई है प्रधान कार्यालय नेटवर्क में मेल सर्वर और वेब सर्वर की व्‍यवस्‍था की गई है 

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 This site is last updated on 23-08-2018.


 




Source : दक्षिण मध्‍य रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 23-08-2018  


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